

नई दिल्ली : भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) ने भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई), ईवाई और एसएंडपी ग्लोबल को ‘नॉलेज पार्टनर’ बनाया है। सम्मेलन का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा। 30 अगस्त तक 138 देशों के 3,317 खरीदार सम्मेलन के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
आईआरईएफ ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि तीनों संस्थानों की विशेषज्ञता से वैज्ञानिक अनुसंधान और टिकाऊपन, बाजार एवं जिंस संबंधी जानकारी तथा कारोबारी रणनीति और बदलाव जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक मंच पर लाया जाएगा। यह साझेदारी ऐसे समय हुई है जब चावल उद्योग वैश्विक मांग में बदलाव, कीमतों में उतार-चढ़ाव, बदलती व्यापार नीतियों और बढ़ती लॉजिस्टिक लागत जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
बीआईआरसी 2026 में चावल की पूरी मूल्य श्रृंखला से जुड़े कारोबारी मुद्दों पर नौ ज्ञान सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें वैश्विक मांग-आपूर्ति परिदृश्य, कीमतों का अनुमान, बाजार के नए अवसर, भुगतान और ऋण जोखिम, ढुलाई, गुणवत्ता एवं प्रमाणन, व्यापार नीति और टिकाऊपन जैसे विषय शामिल होंगे।
आईआरईएफ के अनुसार, आईआरआरआई चावल उत्पादन, कृषि प्रणालियों, जलवायु अनुकूलन और टिकाऊ खेती से जुड़ी वैज्ञानिक विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा। इसका प्रभाव उत्पादन और उत्पादकता से आगे बढ़कर चावल की उपलब्धता, गुणवत्ता, लागत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक पहुंचता है। सम्मेलन में फसल सर्वेक्षण, कीमतों की विश्वसनीयता, कार्बन क्रेडिट, लाभदायक मिलिंग और मूल्यवर्धित उत्पादों पर भी चर्चा होगी।
वहीं, एसएंडपी ग्लोबल की बाजार, जिंस और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों की विशेषज्ञता कीमतों और व्यापार प्रवाह को समझने में मदद करेगी। ईवाई अपनी कारोबारी और रणनीतिक विशेषज्ञता के जरिए इन जानकारियों को निवेश, विस्तार, मार्जिन और उपभोक्ता मांग से जुड़े फैसलों में बदलने का दृष्टिकोण उपलब्ध कराएगी। आईआरईएफ ने कहा कि तीनों की पूरक विशेषज्ञता उत्पादन से लेकर वैश्विक बाजार और कारोबारी निर्णय तक ज्ञान की पूरी शृंखला तैयार करेगी।