ईरान-इजराइल युद्ध के कारण ऊर्जा जोखिमों की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए

ईरान-इजराइल युद्ध के कारण ऊर्जा जोखिमों की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए
Published on

नयी दिल्ली : थिंक टैंक जीटीआरआई ने कहा कि इजराइल-ईरान संघर्ष तेज होने के साथ सरकार को ऊर्जा जोखिमों की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए।जीटीआरआई ने कच्चे तेल के आयात में विविधता लाने तथा पर्याप्त रणनीतिक भंडार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि युद्ध के कारण, भारत पर आर्थिक संकट का खतरा बढ़ रहा है। ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्ग और प्रमुख वाणिज्यिक हित बढ़ती अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव पश्चिम एशिया के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए सीधा खतरा पैदा कर रहे हैं।

व्यापार की स्थिति : वर्ष 2024-25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर की वस्तुओं का निर्यात किया, जबकि आयात 44.19 करोड़ डॉलर का आयात किया। इसी तरह इजराइल को निर्यात 2.15 अरब डॉलर का और आयात 1.61 अरब डॉलर का था।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in