

मुंबई : कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और आईटी कंपनियों के शेयर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी, वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार व्यवधान ने कारोबारियों के बीच निराशा को और बढ़ा दिया। बीएसई सेंसेक्स 999.79 अंक या 1.29 प्रतिशत टूटकर 76,664.21 अंक पर बंद हुआ। एक समय यह 1,260.13 अंक फिसलकर 76,403.87 अंक तक चला गया था। बीएसई पर कुल 2,905 शेयर में गिरावट आई जबकि 1,326 में बढ़त हुई और 158 अपरिवर्तित रहे। एनएसई निफ्टी 275.10 अंक लुढ़ककर 23,897.95 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार में तीन सत्र की गिरावट से निवेशकों की संपत्ति 7.17 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। इन तीन सत्र में बीएसई में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 7,17,476.54 करोड़ रुपये घटकर 4,61,49,758.18 करोड़ रुपये रह गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ : ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, भारतीय शेयर बाजारों ने लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दर्ज रही। जोखिम से बचने की भावना ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आईटी क्षेत्र में लगातार कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाना जारी रखा।
क्या रही स्थिति : सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से इन्फोसिस का शेयर सबसे अधिक 7.09 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट 0.95 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट 0.91 प्रतिशत टूटा। क्षेत्रवार बात करें तो बीएसई आईटी में 5.13 प्रतिशत, बीएसई फोकस्ड आईटी में 4.65 प्रतिशत, स्वास्थ्य देखभाल में 1.35 प्रतिशत, दूरसंचार में 1.33 प्रतिशत, रियल्टी में 1.30 प्रतिशत, सेवाओं में 1.17 प्रतिशत की गिरावट आई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 107.3 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।