भारत का Data Centre कारोबार 2030 तक 4 गुना बढ़ाने की तैयारी, 101 मिलियन वर्गफुट तक पहुंचेगा

क्लाउड अपनाने, एआई और हाइपरस्केलर कंपनियों के निवेश से भारत का डेटा सेंटर फुटप्रिंट 2026 के 27 मिलियन से बढ़कर 2030 तक 101 मिलियन वर्गफुट पहुंचने का अनुमान
इस तेजी के पीछे Cloud adoption, Artificial Intelligence (AI), hyperscaler कंपनियों के बड़े निवेश और डेटा लोकलाइजेशन से जुड़े सरकारी नियम प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं
भारत का Data Centre कारोबार 2030 तक 4 गुना बढ़ने की तैयारी, 101 मिलियन वर्गफुट तक पहुंचेगा
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नई दिल्ली : भारत का Data Centre (DC) उद्योग अगले चार वर्षों में तेज रफ्तार से बढ़ने की तैयारी में है। Anarock की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में Data Centre का कुल फुटप्रिंट 2030 तक करीब चार गुना बढ़कर 101 मिलियन वर्गफुट हो सकता है। H1 2026 में यह करीब 27 मिलियन वर्गफुट है।

इस तेजी के पीछे Cloud adoption, Artificial Intelligence (AI), hyperscaler कंपनियों के बड़े निवेश और डेटा लोकलाइजेशन से जुड़े सरकारी नियम प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

Data Centre सेक्टर में $300 अरब से ज्यादा निवेश

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में Data Centre परियोजनाओं के लिए $300 अरब से ज्यादा के निवेश commitments सामने आए हैं। इनमें आने वाले वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद है।

कुछ प्रमुख निवेश :

Google : आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में Data Centre के लिए करीब $15 अरब का निवेश।

Colt Data Centre–RMZ : मुंबई और चेन्नई में करीब $1.7 अरब का निवेश।

Reliance : जामनगर में 168 MW का AI-enabled Data Centre, जिसे Meta इस्तेमाल करेगा।

Data Centre क्षमता 6.7 GW तक पहुंचने का अनुमान

भारत की Data Centre capacity भी तेजी से बढ़ने वाली है।

H1 2026 : 1.8 GW से अधिक

2030 : 6.7 GW से अधिक

यानी अगले चार वर्षों में capacity करीब तीन गुना हो सकती है।

AI और Cloud बनेंगे सबसे बड़े Growth Drivers

Anarock के अनुसार, Data Centre की मांग केवल इंटरनेट और Cloud services तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई बड़े structural factors हैं:

  • Artificial Intelligence और Generative AI

  • Cloud computing

  • बढ़ता digital data consumption

  • Digital payments

  • Enterprise digitalisation

  • सुरक्षित और resilient digital infrastructure की जरूरत

  • AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बड़ी मात्रा में computing power और storage की आवश्यकता होगी, जिससे Data Centre की मांग और बढ़ सकती है।

Data localisation से भी बढ़ेगी मांग

भारत का Digital Personal Data Protection Act (DPDPA), 2023 भी घरेलू Data Centre infrastructure की मांग को बढ़ावा दे रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, डेटा से जुड़े नियमों के कारण भारत में कारोबार करने वाली multinational कंपनियों के लिए देश में data infrastructure स्थापित करने की आवश्यकता बढ़ रही है।

मुंबई-चेन्नई से आगे बढ़ रहा Data Centre बाजार

अभी Mumbai Metropolitan Region (MMR) और Chennai भारत के सबसे बड़े Data Centre markets हैं।

इसका एक बड़ा कारण इन शहरों की subsea cable connectivity है, जो Europe, West Asia, Southeast Asia और East Asia को जोड़ती है।

लेकिन अब Data Centre कंपनियां नए शहरों की ओर भी बढ़ रही हैं।

Hyderabad और Delhi-NCR पर खास नजर

Hyderabad को इस growth का बड़ा beneficiary माना जा रहा है।

मौजूदा capacity : 178 MW

2030 तक planned addition : 600–700 MW

NTT Global Data Centres करीब 400 MW की capacity पर काम कर रहा है, जबकि Tillman Global Holdings भी multi-hundred-MW hyperscale Data Centre park विकसित करने की योजना बना रहा है।

Delhi-NCR में भी 2030 तक करीब 500–600 MW की नई Data Centre capacity जुड़ने की उम्मीद है। वर्तमान capacity करीब 179 MW है।

Greater Noida में Yotta Infrastructure 90 MW का Data Centre विकसित कर रहा है।

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