

नयी दिल्ली : वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत और इजराइल ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत का पहला दौर शुरू कर दिया है। पिछले साल नवंबर में दोनों देशों ने समझौते के लिए औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने के लिए संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए थे।
कई पहलुओं पर चर्चा : भारत-इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी, 2026 को नयी दिल्ली में शुरू हुआ और यह 26 फरवरी तक जारी रहेगा। इस दौर के दौरान दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में भाग लेंगे। इन सत्रों में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के कई पहलुओं पर चर्चा होगी। इस वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू कर रहे हैं, जबकि इज़राइली पक्ष का नेतृत्व वरिष्ठ निदेशक यिफ़ात अलोन पेरेल कर रही हैं।
व्यापार को बढ़ावा : इस तरह के समझौतों में दोनों पक्ष आपस में व्यापार वाली अधिकतम वस्तुओं पर आयात शुल्क को काफी कम कर देते हैं या पूरी तरह समाप्त कर देते हैं। इसके अलावा सेवाओं और निवेश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नियमों में ढील दी जाती है।यह बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25-26 फरवरी को इज़राइल की यात्रा पर जा रहे हैं। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच आठ दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन अक्टूबर, 2021 के बाद यह प्रक्रिया रुक गई थी।अब दोनों पक्षों ने फिर से वार्ता शुरू की है।
व्यापार की स्थिति : वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत से इज़राइल को होने वाला निर्यात 52 प्रतिशत घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात भी 26.2 प्रतिशत कम होकर 1.48 अरब डॉलर पर आ गया।