भारत-चिल्ली जल्द करेंगे FTA : गोयल

महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते
Goyal
पीयूष गोयल की फाइल फोटो
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नयी दिल्ली : भारत और चिली के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत जल्द ही संपन्न हो जाएगी। इस समझौते से घरेलू व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो जाएगी। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह बात कही। दक्षिण अमेरिकी देश चिली के पास लिथियम, तांबा, रेनियम, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों का विशाल भंडार है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।गोयल ने ग्रेटर नोएडा में भारतीय सनदी लेखागार संस्थान (ICAI) के एक कार्यक्रम में कहा, ‘हम कई विकसित देशों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं... हम जल्द ही चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देंगे। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रास्ते खोल देगा।’

क्या है स्थिति : भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौते (PTA) को लागू किया था और अब इसे एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) में बदलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस नए समझौते का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है।

द्विपक्षीय व्यापार : भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी मध्यम स्तर पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 प्रतिशत घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 प्रतिशत बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया। गोयल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, ओमान, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) सहित आठ विकसित राष्ट्रों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 32 प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है।

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