

नई दिल्ली : मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने सोमवार को कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से न केवल वाहन उद्योग, बल्कि अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष और अन्य वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
कंपनी की वार्षिक आम बैठक में भार्गव ने कहा कि जीएसटी सुधारों ने मांग को बढ़ावा दिया है और आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया है। उनके अनुसार, भारत का कार बाजार 2031 तक बढ़कर 61 से 63 लाख इकाइयों तक पहुंच सकता है। छोटी कारों की बाजार हिस्सेदारी में भी आने वाले वर्षों में तेजी आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक कंपनी की स्थापित क्षमता 29 लाख इकाइयों और 2030-31 के अंत तक 36.5 लाख इकाइयों तक पहुंचने का अनुमान है।
भार्गव ने सरकार से कारोबार सुगमता बढ़ाने, प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाने और सुधारों की गति तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के अधिक इस्तेमाल से भ्रष्टाचार और प्रक्रियागत देरी कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के खरखौदा संयंत्र में दो उत्पादन लाइनें शुरू हो चुकी हैं, जबकि तीसरी पर काम चल रहा है। गुजरात के हंसलपुर संयंत्र की क्षमता बढ़कर 10 लाख इकाइयां हो गई है। साणंद में नए संयंत्र पर भी काम शुरू हो गया है, जहां कुल 10 लाख इकाइयों की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में करीब 35,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।