जी20 में स्टील की अतिरिक्त क्षमता पर ‘मिल्वौकी फ्रेमवर्क’, गोयल ने भारत का पक्ष रखा

गोयल ने अमेरिकी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर भारत में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है।
जी20 में स्टील की अतिरिक्त क्षमता पर ‘मिल्वौकी फ्रेमवर्क’, गोयल ने भारत का पक्ष रखा
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मिल्वौकी : दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के व्यापार मंत्रियों की दो दिवसीय जी20 बैठक अमेरिका के मिल्वौकी में शुरू हो गई है। भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल कर रहे हैं। बैठक में वैश्विक व्यापार व्यवस्था, औद्योगिक क्षमता, आपूर्ति शृंखला और व्यापार नियमों में बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

बैठक से पहले ग्लोबल फोरम ऑन स्टील एक्सेस कैपेसिटी की मंत्रिस्तरीय बैठक में 28 देशों ने स्टील की बढ़ती अतिरिक्त क्षमता से निपटने के लिए व्यापक ‘मिल्वौकी फ्रेमवर्क’ पर सहमति जताई। इसमें व्यापार उपायों के इस्तेमाल, स्टील आपूर्ति शृंखला की निगरानी, आयात के स्रोत की जानकारी साझा करने और तीसरे देशों के जरिये माल भेजने यानी ट्रांसशिपमेंट की जांच बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि हर देश स्टील आयात पर अपने हिसाब से कदम उठाएगा, लेकिन इन उपायों में समन्वय की जरूरत है। उन्होंने अतिरिक्त क्षमता वाले देशों से होने वाले स्टील आयात पर व्यापार बाधाएं बढ़ाने की संभावना का भी उल्लेख किया। हालांकि, इसे चीन पर टैरिफ बढ़ाने की सामूहिक सहमति के रूप में पेश नहीं किया गया है।

भारत ने जी20 बैठक में नियम-आधारित, खुली, समावेशी और गैर-भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के समर्थन की बात कही है। नई दिल्ली विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को इस व्यवस्था के केंद्र में रखते हुए विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश बनाए रखने पर जोर दे रही है। वहीं अमेरिका व्यापार प्रणाली में मोस्ट-फेवर्ड-नेशन व्यवस्था की समीक्षा समेत कई बदलावों की वकालत कर रहा है।

बैठक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। गोयल की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ बातचीत में अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने और व्यापक बीटीए पर आगे बढ़ने के मुद्दे शामिल हैं। गोयल ने अमेरिकी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर भारत में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है।

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