

नयी दिल्ली : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का भारतीय शेयर बाजार से निकासी का सिलसिला मई में भी जारी है। वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितता के बीच FPI ने इस महीने अबतक भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 14,231 करोड़ रुपये निकाले हैं। इसके साथ ही 2026 में FPI की भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का आंकड़ा बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है। पूरे 2025 के दौरान FPI ने भारतीय बाजार से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।
क्या रही स्थिति : फरवरी को छोड़कर, 2026 के सभी महीनों में FPI शुद्ध बिकवाल रहे हैं। जनवरी में उन्होंने 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, फरवरी में उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 माह का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, मार्च में यह रुख फिर पलट गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की निकासी की। अप्रैल में भी उन्होंने 60,847 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मई में भी यह सिलसिला जारी है और FPI अबतक 14,231 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ : मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख - प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, FPI की बिकवाली की मुख्य वजह वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितता है। विदेशी निवेशक खासकर महंगाई, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर चिंतित हैं। श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि भारतीय रुपया भी दबाव में है, जो विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर-समायोजित प्रतिफल पर असर डाल रहा है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि कुल बिकवाली के बावजूद FPI बिजली, निर्माण और पूंजीगत सामान जैसे चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।