

नयी दिल्ली : टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने रोम स्थित पलाज्जो चिगी में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। इस दौरान इतालवी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता कंपनी इवेको समूह के टाटा मोटर्स द्वारा अधिग्रहण और दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक औद्योगिक एवं आर्थिक संबंधों पर प्रमुखता से चर्चा हुई।
सूत्रों ने बताया कि बुधवार को हुई इस बैठक में चंद्रशेखरन ने इतालवी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता कंपनियों में से एक इवेको समूह में नियंत्रक हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद टाटा समूह की रणनीति प्रस्तुत की।
यह बैठक इटली और भारत के बीच बढ़ते रणनीतिक आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग के बीच हुई। टाटा मोटर्स ने 30 अक्टूबर को कहा था कि उसने नकद पेशकश के शुरुआती निपटान के बाद इवेको में 89.42 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 3.43 अरब यूरो में अधिग्रहित कर ली है।
चंद्रशेखरन ने मंगलवार को इटली के टोरीनो स्थित इवेको के मुख्यालय में आयोजित वैश्विक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिए इतालवी सरकार तथा प्रधानमंत्री मेलोनी का आभार जताया।
टाटा संस के चेयरमैन ने कहा, ‘इवेको समूह की जड़ें इटली में बहुत मजबूत हैं और यूरोप तथा लातिन अमेरिका में इसकी अच्छी मौजूदगी है। यह अपने साथ समृद्ध औद्योगिक विरासत, प्रतिष्ठित ब्रांड, प्रौद्योगिकी और ट्रक, बस तथा पावरट्रेन के क्षेत्र में विश्वस्तरीय क्षमताएं लेकर आया है।’
उन्होंने कहा, ‘मैं इस सौदे से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं और उन सभी का आभारी हूं। मैं आज की शुरुआत इस प्रक्रिया के दौरान प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिए इतालवी सरकार, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और मंत्री एडोल्फो उर्सो का धन्यवाद करके करना चाहूंगा।’
उन्होंने टोरीनो के साथ टाटा मोटर्स के लंबे जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कंपनी की स्वदेशी यात्री कार विकसित करने की यात्रा की जड़ें इसी इतालवी शहर में हैं, जहां 1990 के दशक के अंत में डिजाइन हाउस आइडिया में उसकी पहली स्वदेशी कार का डिजाइन तैयार हुआ था। टाटा संस के चेयरमैन ने कहा, ‘मैं आपको एक ऐसी कहानी बताना चाहता हूं, जो टोरीनो के साथ हमारे जुड़ाव को समझाती है।
जब हमारे पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने फैसला किया कि टाटा मोटर्स अपनी स्वदेशी यात्री कार विकसित करेगी और उसका विनिर्माण करेगी, तो उन्होंने वास्तव में टोरीनो का रुख किया। टोरीनो में आइडिया नाम का एक प्रसिद्ध डिजाइन हाउस था। उन्होंने कहा, ‘आइडिया में ही पहली स्वदेशी भारतीय कार का आकार तैयार हुआ था। 1990 के दशक के अंतिम वर्षों से टाटा मोटर्स के हममें से कई लोग टोरीनो आते रहे हैं।
इसलिए टोरीनो के साथ हमारा बहुत मजबूत जुड़ाव है। हम अपने यात्री कार कारोबार के लिए टोरीनो के ऋणी हैं, क्योंकि इसकी शुरुआत यहीं से हुई थी।’ चंद्रशेखरन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि टाटा मोटर्स और इवेको अगले पांच वर्षों में बिक्री की मात्रा, राजस्व और मार्जिन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएं देख रही हैं। दोनों कंपनियां मिलकर एक वैश्विक वाणिज्यिक वाहन कंपनी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘एक-दूसरे के पूरक उत्पाद पोर्टफोलियो और भौगोलिक क्षेत्रों में मजबूत मौजूदगी से वास्तव में एक वैश्विक उद्यम तैयार होगा। इसकी यूरोप, भारत, दक्षिण अमेरिका, एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के प्रमुख विकसित एवं तेजी से बढ़ते बाजारों सहित 130 से अधिक देशों में मौजूदगी होगी और इसका संयुक्त राजस्व 21 अरब यूरो (करीब 2,28,000 करोड़ रुपये) होगा।’
इस अधिग्रहण के साथ इतालवी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता कंपनी, टाटा मोटर्स की अप्रत्यक्ष अनुषंगी कंपनी बन गई है। अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। दोनों कंपनियां अब एकीकरण और संयुक्त रणनीतिक योजना के अगले चरण की शुरुआत कर रही हैं।