चुनाव परिणाम, तेल की कीमत तय करेंगी शेयर बाजार की चाल

निवेशक पश्चिम एशिया संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित घटनाक्रमों पर भी नजर रखेंगे
Internet
शेयर बाजार
Published on

मुंबई : शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से विधानसभा चुनावों के नतीजों और पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतों से तय होने का अनुमान है। निवेशक पश्चिम एशिया संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित घटनाक्रमों पर भी नजर रखेंगे। सबसे तात्कालिक कारक प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम होंगे। निवेशक बारीकी से देख रहे हैं कि क्या केंद्र में सत्तारूढ़ दल पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को हरा सकता है और क्या विपक्ष शासित केरल तथा तमिलनाडु में सार्थक पैठ बना सकता है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस समय सीमित उपस्थिति है।

कच्चा तेल महत्वपूर्ण आर्थिक कारक : कच्चा तेल सबसे महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक कारक बना हुआ है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे मुद्रास्फीति का जोखिम है। भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतें रुपये पर दबाव डालती हैं। इसका कॉरपोरेट मार्जिन के साथ ही राजकोषीय गतिशीलता पर भी असर पड़ता है।

व्यापक आर्थिक आंकड़े : व्यापक आर्थिक आंकड़े, चौथी तिमाही के नतीजे और विदेशी निवेशकों के रुख से भी बाजार प्रभावित होगा। प्रमुख आर्थिक आंकड़ों में एचएसबीसी विनिर्माण पीएमआई (चार मई), सेवा और कंपोजिट पीएमआई (छह मई) और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े (आठ मई) को आने हैं, जो आर्थिक गति और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता के बारे में संकेत देंगे। इस सप्ताह अंबुजा सीमेंट्स, बीएचईएल, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो जैसी प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे घोषित किए जाएंगे।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in