

नयी दिल्ली : वाणिज्य मंत्रालय 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन के आठ घटक (components) अगले सप्ताह पेश कर सकता है। ये घटक ई-कॉमर्स, ‘वेयरहाउसिंग’ और ‘फैक्टरिंग’ सेवाओं जैसे मुद्दों से जुड़े होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में 45,000 करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त परिव्यय वाली दो योजनाओं निर्यात प्रोत्साहन मिशन (25,060 करोड़ रुपये) और ऋण गारंटी योजना (20,000 करोड़ रुपये) को मंजूरी दी थी।
बाजार पहुंच सहायता : निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम) दो एकीकृत उप-योजनाओं निर्यात प्रोत्साहन (वित्तीय सहायक) और निर्यात दिशा (गैर-वित्तीय सहायक) के माध्यम से संचालित होता है। यह मिलकर वित्तीय और गैर-वित्तीय सहायता से जुड़े पहलुओं पर काम करते हैं। सरकार ने दिसंबर 2025 में 4,531 करोड़ रुपये की अंतर्गत बाजार पहुंच सहायता (एमएएस) योजना शुरू की थी।
निर्यात सहायता पैकेज : सरकार ने जनवरी में 7,295 करोड़ रुपये का निर्यात सहायता पैकेज घोषित किया जिसमें 5,181 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना और 2,114 करोड़ रुपये का जमानत समर्थन शामिल है ताकि निर्यातकों की ऋण तक पहुंच बेहतर हो सके। ये सभी उपाय छह वर्षों (2025-31) की अवधि में लागू किए जाएंगे। एक अधिकारी ने कहा, अब हम ईपीएम के आठ घटकों को शुरू करने पर काम कर रहे हैं। इसे अंतिम रूप दे दिया गया है। हम अगले सप्ताह इसकी घोषणा करेंगे।