त्योहारी सीजन के लिए ई-कॉमर्स कंपनियां तैयार, क्विक कॉमर्स ने बदला ऑनलाइन खरीदारी का तरीका

त्योहारी मांग में उछाल की उम्मीद, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियां प्रीमियम उत्पादों व बेहतर डील्स के जरिए बिक्री बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहीं
2030 तक खुदरा खर्च में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 10-12 प्रतिशत हो सकती है और ऑनलाइन खरीदारों की संख्या 42-44 करोड़ तक पहुंच सकती है
त्योहारी सीजन के लिए ई-कॉमर्स कंपनियां तैयार, क्विक कॉमर्स ने बदला ऑनलाइन खरीदारी का तरीका
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नई दिल्ली : त्योहारी मौसम से पहले ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियां बिक्री बढ़ाने की तैयारी में जुट गई हैं। उद्योग और विश्लेषकों को इस दौरान बिक्री मूल्य में अच्छी वृद्धि की उम्मीद है, हालांकि ग्राहकों का खर्च करने का रुझान अलग-अलग रह सकता है। महंगे और प्रीमियम उत्पादों की मांग के साथ कीमत को लेकर सतर्क ग्राहक बेहतर सौदों की तलाश भी जारी रखेंगे।

त्योहारों में क्विक कॉमर्स के तेज विस्तार की उम्मीद

क्विक कॉमर्स ऑनलाइन खरीदारी के प्रमुख वृद्धि कारकों में शामिल हो गया है। पहले किराना और रोजमर्रा के सामान तक सीमित रहने वाले ये मंच अब कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और सौंदर्य उत्पादों तक पहुंच बना रहे हैं। हाल के त्योहारों में बढ़ी खरीदारी को देखते हुए इस साल भी क्विक कॉमर्स के तेजी से विस्तार की उम्मीद है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के शोध विश्लेषक शुभम निमकर ने कहा कि त्योहारी मौसम बिक्री मूल्य के लिहाज से मजबूत, लेकिन बिक्री की मात्रा के लिहाज से अपेक्षाकृत संतुलित रह सकता है। उनके मुताबिक, ग्राहक खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण खरीदारी में अधिक सावधानी बरतेंगे। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रीमियम उत्पादों की मांग मजबूत रह सकती है, जबकि अन्य ग्राहक आकर्षक सौदों पर ध्यान देंगे।

345 अरब डॉलर हो सकता है बाजार

इन्फिसम की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2024 के 125 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक करीब 345 अरब डॉलर हो सकता है। इस दौरान 18.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर का अनुमान है। क्विक कॉमर्स के विस्तार और कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से बाजार को गति मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक खुदरा खर्च में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 10-12 प्रतिशत हो सकती है और ऑनलाइन खरीदारों की संख्या 42-44 करोड़ तक पहुंच सकती है।

एकादशी और तीज के ‌लिए भी विशेष उत्पाद

जेप्टो के मुख्य कारोबार अधिकारी देवेंद्र मील ने कहा कि त्योहारी खरीदारी अब अधिक विविध हो रही है और कंपनियां एकादशी तथा तीज जैसे छोटे त्योहारों के लिए भी विशेष उत्पाद पेश कर रही हैं।

स्नैपडील के सीईओ अचिंत सेतिया ने कहा कि महानगरों में क्विक कॉमर्स तुरंत डिलीवरी की जरूरत पूरी कर रहा है, जबकि गैर-महानगरीय ग्राहक कीमत और गुणवत्ता की तुलना कर सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्नैपडील की 80 प्रतिशत से अधिक बिक्री गैर-महानगरों से आती है।

मीशो के मुताबिक, रक्षाबंधन के दौरान उसके 73 प्रतिशत ऑर्डर गैर-महानगरीय बाजारों से आए और विक्रेताओं की भागीदारी सालाना आधार पर 72 प्रतिशत बढ़ी।

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