New Delhi
वार्षिक वित्तीय विवरण जमा करने की समयसीमा बढ़ी

कंपनियों के लिए वार्षिक वित्तीय विवरण जमा करने की समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ी

वार्षिक वित्तीय विवरण जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर हुई
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नयी दिल्ली : कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक वित्तीय विवरण जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। परिपत्र जारी होने से पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक वित्तीय विवरण और वार्षिक रिटर्न जमा करने की समयसीमा क्रमशः 31 अक्टूबर और 30 नवंबर, 2026 थी। मंत्रालय के एक परिपत्र के अनुसार, कंपनियां अब अपना वार्षिक रिटर्न 31 जनवरी, 2027 तक जमा कर सकेंगी। समयसीमा बढ़ाने का फैसला हितधारकों से मिले अनुरोधों के बाद लिया गया है। उन्होंने मंत्रालय के एमसीए 21 पोर्टल के जरिये अनिवार्य वार्षिक दस्तावेज जमा करने में आ रही दिक्कतों का हवाला दिया था। मंत्रालय ने 24 अक्टूबर को जारी परिपत्र में कहा कि प्राप्त अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए कंपनियों को वार्षिक वैधानिक दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त शुल्क के बिना समयसीमा बढ़ाई गई है। इसके तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ई-फॉर्म AOC-4, AOC-4 (सीएफएस), AOC-4 (एक्सबीआरएल), AOC-4 एनबीएफसी (इंड एएस) और AOC-4 सीएफएस एनबीएफसी (इंड एएस) के जरिये वार्षिक वित्तीय विवरण 31 दिसंबर, 2026 तक जमा किए जा सकेंगे। इसी तरह, वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक रिटर्न ई-फॉर्म एमजीटी-7 और एमजीटी-7ए के जरिये 31 जनवरी, 2027 तक जमा किए जा सकेंगे। आमतौर पर कंपनियों को अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) पूरी होने के 30 दिन के भीतर वार्षिक वित्तीय विवरण जमा करने होते हैं। वहीं, वार्षिक रिटर्न जमा करने के लिए 60 दिन का समय मिलता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस परिपत्र को कंपनियों की वार्षिक आम बैठक आयोजित करने की वैधानिक समयसीमा में विस्तार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जिन कंपनियों ने कानून के तहत निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किया है, उन पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

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