क्रिसिल ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत किया

एजेंसी ने यह संशोधन अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही में मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद को देखते हुए किया है।
क्रिसिल ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत किया
Published on: 

नई दिल्ली : घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया। इससे पहले, उसने 6.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था। एजेंसी ने यह संशोधन अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही में मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद को देखते हुए किया है। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी.के. जोशी ने कहा कि पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पहली छमाही में मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद को देखते हुए वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। हमें उम्मीद है कि पहली छमाही में तेज वृद्धि होगी, जबकि दूसरी छमाही में वृद्धि की रफ्तार धीमी होगी।’’ जोशी ने कहा कि वृद्धि के अनुमान में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कच्चे तेल की औसत कीमत 87-93 डॉलर प्रति बैरल मानी गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 70 डॉलर प्रति बैरल थी। उन्होंने कहा कि दूसरा प्रमुख कारक मानसून होगा। फिलहाल मानसून दीर्घकालिक औसत से 12 प्रतिशत कम है और इसका असर सर्दियों की फसल पर भी पड़ सकता है। जलाशयों में पानी का स्तर और मिट्टी में नमी की स्थिति रबी फसल को प्रभावित करेगी, जिसका असर आर्थिक वृद्धि पर भी पड़ सकता है। जोशी ने रुपये के बारे में कहा कि भारतीय मुद्रा अपने उचित मूल्य से नीचे है और मार्च, 2027 तक डॉलर के मुकाबले यह 93.5 रुपया तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि रुपये में पहले भी गिरावट के दौर के बाद मजबूती देखी गई है। एजेंसी को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक अक्टूबर और दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में 0.25-0.25 प्रतिशत अंक की वृद्धि कर सकता है। हालांकि, इससे निजी क्षेत्र के पूंजी निवेश पर असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि कंपनियों के पास पर्याप्त नकदी है और उनकी देनदारियां कम हुई हैं। जोशी ने कहा कि आरबीआई आगे भी व्यवस्था में अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपायों का उपयोग करता रहेगा। उन्होंने कहा कि वृद्धि की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। कृत्रिम मेधा कुछ कामों को स्वचालित कर सकती है, लेकिन पिछली तकनीकी क्रांतियों की तरह यह नए रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकती है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in