

नयी दिल्ली : सरकार ने पाइप वाली रसोई गैस (PNG) का कनेक्शन रखने वाले वाले परिवारों के लिए सब्सिडी वाला LPG कनेक्शन रखने या लेने पर रोक लगा दी है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में संकट के चलते क्षेत्र के नियामक ने शहर गैस वितरण कंपनियों से अपने PNG ढांचे का विस्तार तेजी से करने को कहा है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति पर दबाव कम किया जा सके।
घरेलू LPG कनेक्शन को ‘सरेंडर’ करना जरूरी : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अधिसूचना में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण नियमन) आदेश-2000 में बदलाव किया है। इसके तहत अब PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए अपने घरेलू LPG कनेक्शन को ‘सरेंडर’ करना जरूरी हो गया है।संशोधित आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां और वितरक उन उपभोक्ताओं को भरा गैस सिलेंडर नहीं देंगे, जिनके पास पहले से LPG कनेक्शन हैं। इस कदम का मकसद उन घरों के लिए LPG आपूर्ति को प्राथमिकता देना है जिनके पास पाइप के जरिये गैस की आपूर्ति की सुविधा नहीं है।
क्या है स्थिति : भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चे तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत LPG की जरूरत को आयात से पूरा करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज़्यादा कच्चे तेल का आयात, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85-90 LPG आयात सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।इस युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है, जो खाड़ी देशों की ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य रास्ता है।
औद्योगिक ग्राहकों को गैस आपूर्ति कम : भारत ने रूस जैसे देशों से कच्चा तेल मंगाकर आपूर्ति में व्यवधान को कुछ हद तक ठीक किया है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों को गैस आपूर्ति कम कर दी गई है और होटल और रेस्तरांओं को भी LPG की उपलब्धता कम हो गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने शहर गैस वितरण कंपनियों से घरों को घरेलू PNG कनेक्शन देने के काम में तेजी लाने और उन इलाकों में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा है जहां पाइपलाइन का ढांचा पहले ही बिछाया जा चुका है।