

मुंबई : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। इसमें रिलायंस एडीए समूह के तीन वरिष्ठ अधिकारियों, सात समूह कंपनियों और कंपनी के वैधानिक ऑडिटर समेत 11 आरोपियों को नामजद किया गया है। चार्जशीट 1 अक्टूबर को मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल की गई।
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़े कथित अपराधों के आरोप लगाए हैं। नामजद अधिकारियों में आरएचएफएल के निदेशक एवं सीएफओ अमित बापना, रिलायंस कैपिटल के समूह एमडी एवं उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला और रिलायंस पावर के सीएफओ सुरेश नागराजन शामिल हैं। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय नवपलिया को भी आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया कि रिलायंस होम फाइनेंस द्वारा उधार लिए गए 7,429.16 करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर मध्यस्थ और कंड्यूट कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न कंपनियों में भेजी गई। एजेंसी का आरोप है कि यह धनराशि कर्जदाताओं की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए स्थानांतरित की गई।
जिन सात कंपनियों को चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है, उनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट, रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क, रिलायंस बिजनेस ब्रॉडकास्ट न्यूज होल्डिंग्स, रिलायंस मीडियाWorks फाइनेंशियल सर्विसेज और कुंजबिहारी डेवलपर्स शामिल हैं।
सीबीआई के मुताबिक कथित लेनदेन से बैंकों और वित्तीय संस्थानों को नुकसान तथा आरोपियों और संबंधित इकाइयों को अनुचित लाभ हुआ। मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था।
सीबीआई ने 9 जुलाई 2026 को मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें चार आरोपी थे। दूसरी चार्जशीट के बाद आरएचएफएल मामले में कुल 15 आरोपी चार्जशीट हो चुके हैं। एजेंसी ने कहा है कि अन्य आरोपियों की भूमिका और अतिरिक्त आरोपों की जांच जारी है।
व्यापक जांच के तहत रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न कंपनियों के खिलाफ सीबीआई ने नौ एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और एजेंसी छह अन्य चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।