BCGCL ने कोयला से गैस बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के ठेके दिए

BCGCL ने कोयला से गैस बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के ठेके दिए
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भारत कोल गैसीकरण एंड केमिकल्स लि. (BCGCL) के प्रबंध निदेशक पीयूष कुमार ने कहा कि ओडिशा में 25,000 करोड़ रुपये की कोयला से गैस बनाने की परियोजना के लिए निर्माण का काम शुरू हो गया है। BCGCL, कोल इंडिया लि. और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (BHEL) की संयुक्त उद्यम कंपनी है। यह राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता विकसित करने के देश के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस मिशन का उद्देश्य कोयले को रसायनों में बदलना और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी), यूरिया, अमोनिया तथा मेथनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करना है। कुमार ने मिशन एनर्जी फाउंडेशन के 17वें गैसीफिकेशन इंडिया 2026 कार्यक्रम में कहा, ‘हम भेल और कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम BCGCL के तहत आगे बढ़ रहे हैं। हमने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। ज्यादातर ठेके दिए जा चुके हैं और निर्माण शुरू हो गया है।’ BCGCL को अत्याधुनिक कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट परियोजना विकसित करने के लिए स्थापित किया गया है। इसमें कोल इंडिया की 51 प्रतिशत बहुलांश हिस्सेदारी है, जबकि शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी BHEL के पास है।

कुमार ने बताया कि करीब 15,000 करोड़ रुपये के काम के ठेके दिए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्यों के लिए अनुबंध दिए जाने बाकी हैं। परियोजना की शेष लागत में ब्याज, मूल्यह्रास और जमीन से जुड़े खर्च जैसे अन्य व्यय शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘कुल परियोजना में से 15,000 करोड़ रुपये के काम के ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं। इसमें से 10,000 करोड़ रुपये का काम भेल को और 5,000 करोड़ रुपये का काम लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को दिया गया है।’ इस परियोजना का उद्देश्य कोयला गैसीकरण के जरिये सालाना करीब 6.6 लाख टन तकनीकी श्रेणी के अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करना है। ओडिशा में लगायी जा रही इस परियोजना को राज्य सरकार के उच्चस्तरीय मंजूरी प्राधिकरण से एकल अनुमति व्यवस्था के तहत मंजूरी मिल चुकी है।

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