

मुंबई : उद्योगों को बैंक से मिलने वाला ऋण नवंबर 2025 में 9.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि नवंबर 2024 में यह 8.3 प्रतिशत था। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। सालाना आधार पर, 28 नवंबर 2025 तक की दो-सप्ताह की अवधि में गैर-खाद्य बैंक ऋण में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 10.6 प्रतिशत था। RBI ने कहा कि उद्योगों को दिया गया ऋण सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि नवंबर 2024 में यह 8.3 प्रतिशत था।
लगातार दहाई अंकों की दर से बढ़ा : ‘विभिन्न क्षेत्रों को बैंक कर्ज - नवंबर 2025' के अनुसार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को दिया गया ऋण लगातार दहाई अंकों की दर से बढ़ रहा है। प्रमुख उद्योगों में बुनियादी ढांचा, सभी प्रकार की इंजीनियरिंग, वस्त्र उद्योग और पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद तथा परमाणु ईंधन से जुड़े बकाया ऋण में सालाना आधार पर मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों को दिए गए ऋण में वार्षिक आधार पर 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई (2024 की समान अवधि में यह 15.3 प्रतिशत थी)। गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में वृद्धि में सुधार देखा गया।
अच्छी वृद्धि : व्यापार और वाणिज्यिक रियल एस्टेट के क्षेत्रों में भी अच्छी वृद्धि रही, हालांकि इसमें थोड़ी मंदी दर्ज की गई। RBI ने कहा, व्यक्तिगत ऋण क्षेत्र में सालाना आधार पर 12.8 प्रतिशत की वृद्धि रही, जबकि 2024 की समान अवधि में यह 13.4 प्रतिशत थी। वाहन ऋण और सोने के आभूषण बदले ऋण में वृद्धि बनी हुई है, जबकि आवास ऋण और क्रेडिट कार्ड बकाया राशि में धीमी वृद्धि देखी गई।