

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्ज वसूली के लिए बैंक एजेंटों की नियुक्ति और उनके कामकाज के नियमन के लिए नियमों का मसौदा जारी किया। इसमें एजेंट के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य करने और कर्जदारों को किए जाने वाले सभी फोन कॉल की रिकॉर्डिंग का प्रावधान है।
‘सभ्य तरीके’ से बातचीत : केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि वसूली एजेंट द्वारा उधारकर्ता को किए गए सभी फोन कॉल को रिकॉर्ड किया जाए। इसके साथ ही एजेंट को कर्जदार के साथ ‘सभ्य तरीके’ से बातचीत करनी होगी। आरबीआई इस पर भी विचार कर रहा है कि वसूली एजेंटों के लिए भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान (आईआईबीएफ) द्वारा संचालित ‘ऋण वसूली प्रशिक्षण’ को अनिवार्य किया जाए। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते समय कर्ज वसूली के दौरान एजेंटों के आचरण को नियमित करने के लिए कदम उठाने की बात कही थी।
क्या है मामला : पहले ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें वसूली एजेंट के खराब व्यवहार से कर्जदारों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद आरबीआई ने बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों को संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी थी। आरबीआई के मसौदे में खास तौर पर कहा गया है कि वसूली प्रक्रिया के दौरान अपमानजनक भाषा का प्रयोग या अनुचित संदेश भेजने से परहेज किया जाए। इसके अलावा, किसी परिवार में शोक, विवाह समारोह, त्योहार या अन्य आपदाजनक परिस्थितियों जैसे ‘अनुचित अवसरों’ पर कर्ज वसूली के प्रयास नहीं किए जाने चाहिए।