प्राकृतिक हीरे और प्रयोगशाला में बने हीरे के बीच अंतर समझने के लिए बनेगा ढांचा

सोने-चांदी की ईंटें या बार पर भी हॉलमार्किंग लागू करने पर विचार
Lab Grown Diamond
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नयी दिल्ली : उपभोक्ताओं को प्राकृतिक हीरे और प्रयोगशाला में बने हीरे के बीच अंतर समझने के लिए एक ढांचा तैयार करने की योजना भी बनाई जा रही है। इससे इस खंड में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए स्वैच्छिक हॉलमार्किंग शुरू करने के बाद अब सरकार सर्राफा (सोने-चांदी की ईंटें या बार) पर भी हॉलमार्किंग लागू करने पर विचार कर रही है। इससे आभूषण विनिर्माताओं को शुद्ध और प्रमाणित कच्चा माल मिल सकेगा।

क्या है मामला : हॉलमार्किंग कीमती धातुओं की शुद्धता का प्रमाणीकरण है। जून 2021 से सोने के आभूषणों के लिए यह अनिवार्य है, जबकि एक सितंबर 2025 से चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए इसे स्वैच्छिक कर दिया गया है। उद्योग मंडल सीआईआई के कार्यक्रम रत्न एवं आभूषण सम्मेलन में उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि सोने की हॉलमार्किंग को मिली शानदार प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर सरकार ने चांदी की हॉलमार्किंग को स्वैच्छिक किया है। खरे ने बताया कि बाद में चांदी की हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया जा सकता है। पहले भी 20 साल तक सोने की हॉलमार्किंग स्वैच्छिक ही थी। चालू वित्त वर्ष में अब तक 8.44 करोड़ सोने के आभूषण हॉलमार्क किए जा चुके हैं। इन सकारात्मक परिणामों के कारण आभूषण विनिर्माताओं की मांग पर अब बुलियन (सोने-चांदी की ईंटें) पर भी हॉलमार्किंग लागू करने पर विचार हो रहा है।तकनीक ने प्रयोगशाला में बने हीरे को व्यवहार्य बना दिया है और इसलिए पारदर्शिता का ढांचा जरूरी है।

नहीं चाहते कि उपभोक्ता ठगे जाएं : उन्होंने कहा, प्रयोगशाला में बने हीरे बहुत सस्ते होते हैं। हम नहीं चाहते कि उपभोक्ता ठगे जाएं। हम रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) और अन्य संगठनों के साथ मिलकर बिना उद्योग पर बोझ डाले पारदर्शिता ला रहे हैं।सरकार ने प्रयोगशाला में बने हीरे से आभूषण बनाने वालों से यह स्पष्ट घोषणा करने को कहा है कि वे क्या बेच रहे हैं। हमारे देश में आभूषण खरीदते समय लोग कीमत को लेकर बहुत संवेदनशील नहीं होते। अच्छी चीज पर खर्च कर देते हैं, लेकिन ठगे नहीं जाना चाहिए। जो लोग प्रयोगशाला में बने हीरे खरीदना चाहते हैं, उन्हें पूरी तरह पता होना चाहिए कि वे क्या खरीद रहे हैं।

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