ओला-उबर से स्विगी-जौमैटो तक सभी प्लेटफॉर्म पर 5% GST, कारोबार के मॉडल से फर्क नहीं

डिलीवरी और कैब सेवाओं पर 5% जीएसटी, सरकार ने कर व्यवस्था को स्थिर और सरल बनाने पर दिया जोर
यह दर उन प्लेटफॉर्म पर भी लागू होगी जो ग्राहकों को डिलीवरी सेवा प्रदाताओं से जोड़ते हैं और उन पर भी जो सीधे डिलीवरी सेवा देते हैं।
ओला-उबर से स्विगी-जौमैटो तक सभी प्लेटफॉर्म पर 5% GST, कारोबार के मॉडल से फर्क नहीं
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नई दिल्ली : केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने स्पष्ट किया है कि ओला, उबर जैसे कैब एग्रीगेटर और स्विगी, जोमैटो, फ्लिपकार्ट तथा अमेजन जैसे डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर समान रूप से 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। कारोबार का संचालन किस मॉडल के तहत किया जा रहा है, इससे कर की दर पर फर्क नहीं पड़ेगा।

सीबीआईसी में जीएसटी सदस्य संजय मंगल ने बताया कि जीएसटी परिषद ने प्लेटफॉर्म के कारोबारी मॉडल से इतर समान कर व्यवस्था को मंजूरी दी है। यह दर उन प्लेटफॉर्म पर भी लागू होगी जो ग्राहकों को डिलीवरी सेवा प्रदाताओं से जोड़ते हैं और उन पर भी जो सीधे डिलीवरी सेवा देते हैं।

मंगल के अनुसार, जीएसटी दरों को दो प्रमुख दरों और एक विशेष दर की व्यवस्था में तर्कसंगत बनाया गया है। अब सरकार का जोर कारोबारियों के लिए कर व्यवस्था को स्थिर और पूर्वानुमान के अनुकूल बनाने पर है। भविष्य में जीएसटी दरों में बदलाव साल में एक बार, एक अप्रैल से लागू किए जाने की योजना है। जीएसटी परिषद वित्त वर्ष शुरू होने से पहले इस पर निर्णय लेगी।

आईटीसी और रिफंड प्रक्रिया में सुधार

सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), रिफंड और कर अनुपालन को आसान बनाने पर भी काम कर रही है। मोटर वाहनों से जुड़े आईटीसी मुद्दों को अधिकारियों के समूह के पास भेजा जाएगा, जबकि निर्माण क्षेत्र में आईटीसी के दावे पर अभी चर्चा नहीं हुई है। उलटी शुल्क संरचना के कारण जमा हुए क्रेडिट पर रिफंड के लिए एक नवंबर से उपलब्ध इनपुट सर्विस क्रेडिट लागू व्यवस्था के तहत पात्र होगा।

एक अप्रैल 2027 या उसके बाद दावा किए गए आईटीसी को क्रेडिट के लिए उपलब्ध कराने की बात कही गई है। पुराने जमा क्रेडिट पर यह बदलाव लागू नहीं होगा।

इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम होगा अनिवार्य

मंगल ने बताया कि अगले वित्त वर्ष से इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम (आईएमएस) अनिवार्य किया जाएगा। इससे कारोबारी प्रक्रियाएं और आपूर्ति शृंखला बेहतर होने के साथ कर देनदारी में अंतर के कारण जारी होने वाले नोटिस घटने की उम्मीद है। सीबीआईसी केंद्रीय जीएसटी प्रशासन के तहत पंजीकृत करदाताओं के लिए फेसलेस असेसमेंट की रूपरेखा भी सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी करेगा।

मंगल के मुताबिक, दरों के युक्तिकरण के बाद प्रभावी जीएसटी दर घटकर 10.84 प्रतिशत रह गई है। इसके बावजूद कर योग्य आपूर्ति बढ़ी है और पिछले तीन महीनों में राजस्व वृद्धि 15 प्रतिशत रही है। हालांकि, उन्होंने मासिक जीएसटी संग्रह के तीन लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की समयसीमा बताने से इनकार किया।

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