

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को दो 'परिवर्तनीय रेपो दर' (वीआरआर) नीलामी के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में 84,582 करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली है। नकदी डालने का अर्थ है कि केंद्रीय बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराया है ताकि बाजार में धन की कमी न हो।केंद्रीय बैंक ने बताया कि दिन की शुरुआत में पहली तीन-दिवसीय वीआरआर नीलामी के जरिये 50,001 करोड़ रुपये दिए गए। यह राशि 5.34 प्रतिशत की न्यूनतम स्वीकार्य दर और 5.44 प्रतिशत की भारित औसत दर पर दी गई। इसके बाद दिन में हुई दूसरी नीलामी में RBI ने 5.26 प्रतिशत की न्यूनतम स्वीकार्य दर पर 34,581 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी प्रणाली में शामिल की।पहली नीलामी में बैंकों की ओर से 57,287 करोड़ रुपये की बोली आई थी, जबकि अधिसूचित राशि 50,000 करोड़ रुपये थी। हालांकि, दूसरी नीलामी में बैंकों द्वारा मांगी गई राशि अधिसूचित राशि से कम रही।
1.27 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष नकदी मौजूद : वर्तमान में 27 मार्च तक के अनुमान के अनुसार बैंकिंग प्रणाली में लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष नकदी मौजूद है।पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय बैंक ने विभिन्न अवधियों की वीआरआर नीलामियों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में कुल 2,73,530 करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी पहुंचाई है। इससे पहले, RBI ने जनवरी, 2026 से सरकारी प्रतिभूतियों की खुली बाजार खरीद (ओएमओ) के जरिये प्रणाली में 3.50 लाख करोड़ रुपये की स्थायी नकदी डाली थी।
अर्थव्यवस्था में पैसे का प्रवाह : 'खुली बाजार खरीद' एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें केंद्रीय बैंक बाजार से सरकारी बॉन्ड खरीदकर अर्थव्यवस्था में पैसे का प्रवाह बढ़ाता है।