7,295 करोड़ के निर्यात पैकेज की हुई घोषणा

निर्यात से पहले और निर्यात के बाद ऋण पर सब्सिडी मिलेगी
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नयी दिल्ली : सरकार ने निर्यातकों की ऋण तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए 7,295 करोड़ रुपये के निर्यात सहायता पैकेज की घोषणा की। इसमें 5,181 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना और निर्यात ऋण के लिए 2,114 करोड़ रुपये का गारंटी समर्थन शामिल है। वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने कहा कि ये हस्तक्षेप निर्यातकों की व्यापार वित्त से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेंगे। दोनों उपाय छह वर्षों (2025-31) में लागू किए जाएंगे।

ऋण पर सब्सिडी : ब्याज सहायता योजना के तहत निर्यातकों को निर्यात से पहले और निर्यात के बाद ऋण पर सब्सिडी मिलेगी। यह नवंबर 2025 में स्वीकृत 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) का दूसरा घटक है। पहला घटक 31 दिसंबर, 2025 को लागू किया गया था, जिसमें 4,531 करोड़ रुपये के परिव्यय वाला बाजार पहुंच समर्थन दिया गया था। प्रतिकूल वैश्विक व्यापार परिस्थितियों के बीच सहायता योजना से चिन्हित क्षेत्रों के निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी दरों पर ऋण पाने में मदद मिलेगी।

2.75 प्रतिशत तक की सब्सिडी : योजना के तहत सरकार पात्र एमएसएमई निर्यातकों को 2.75 प्रतिशत तक की सब्सिडी लाभ देगी। प्रति कंपनी वार्षिक लाभ की सीमा 50 लाख रुपये तय की गई है। इस योजना के विस्तृत दिशानिर्देश भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी किए जाएंगे। योजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी RBI है। सरकार ने निर्यात ऋण के लिए 2,114 करोड़ रुपये की गारंटी सहायता की भी घोषणा की है।इसके तहत, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को निर्यात से जुड़े कार्यशील पूंजी ऋण के लिए ऋण गारंटी सहायता प्रदान की जाएगी।

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