पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अब बिहार से बाहर भी अपना आधार बढ़ाएगी और 'राष्ट्रीय पार्टी' बनने का लक्ष्य रखेगी।
यादव ने कहा कि पार्टी अब अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने से परहेज करने की अपनी पुरानी नीति से आगे बढ़ेगी, जो 'धर्मनिरपेक्ष मतों' के बंटवारे से बचने के लिए अपनाई गई थी।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपने पिता और राजद के संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद के राजनीतिक गुरु कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, मार्च से हम पार्टी को मजबूत करने के लिए अभियान शुरू करेंगे। लालू प्रसाद ने राजद को राज्य में एक बड़ी ताकत बनाया। हमें उनके काम को आगे बढ़ाना है और राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की आकांक्षा रखनी है।
उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में हम बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी अपना आधार बढ़ाने की कोशिश करेंगे। अब तक हम वहां चुनाव मैदान में नहीं उतरते थे, ताकि हमारे सहयोगियों के ‘धर्मनिरपेक्ष वोट’ न बंटें।
राजद विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) का एक प्रमुख घटक है। यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, हम बिहार विधानसभा चुनाव इसलिए नहीं हारे कि हम कमजोर थे, बल्कि इसलिए हारे क्योंकि हमारा समय खराब था। हमारा समय जरूर आएगा।
उन्होंने कहा, लालू प्रसाद ने पिछले महीने उस समय मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी, जब मुझे RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। मुझे इसका कोई कारण नहीं दिखता कि आप सभी के समर्थन से हम एक मजबूत राजनीतिक ताकत न बनें।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वहट 'अचेत' हैं और उनकी सरकार प्रभावशाली नौकरशाहों तथा सहयोगी भाजपा की 'कठपुतली' बनकर चल रही है।
उन्होंने कहा, मैंने कहा था कि इस सरकार के 100 दिन पूरे होने तक मैं चुप रहूंगा। यह समयसीमा चार दिन में पूरी हो जाएगी। इसके बाद हम सत्ताधारी गठबंधन से चुनावी वादों को पूरा न करने पर जवाब मांगेंगे जिनमें से कई विचार हमसे उधार लिए गए थे।
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