तेज प्रताप के समर्थन में आए सांसद सुधाकर, कहा-लालू अपने फैसले पर पुनर्विचार करें

बोले-हिंदू धर्म में दूसरी शादी करना कोई अपराध नहीं
तेज प्रताप
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पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद से बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकालने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। किसी अन्य महिला से कथित संबंध को लेकर लालू प्रसाद ने तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकाले जाने की घोषणा की थी।

तेज प्रताप यादव लालू प्रसाद के बड़े बेटे हैं। उन्होंने 24 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वह ‘12 साल से एक महिला के साथ संबंध में हैं।’ हालांकि वह विवाहित हैं और यहां एक अदालत में उनकी तलाक की अर्जी लंबित है। हालांकि, बाद में उन्होंने पोस्ट ‘डिलीट’ कर दिया और दावा किया कि उनका सोशल मीडिया पेज ‘हैक’ कर लिया गया था। अगले दिन लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

तेज प्रताप के समर्थन में आए सुधाकर सिंह ने कहा, हिंदू धर्म में दूसरी शादी करना कोई अपराध नहीं है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत मामला है। मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि भारत में दो शादियां करने की परंपरा कोई नयी बात नहीं है।

सांसद ने कहा, दूरदर्शी समाजवादी विचारक और राजनेता राम मनोहर लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘सप्तक्रांति’ में स्पष्ट रूप से लिखा था कि बलात्कार और छल को छोड़कर एक पुरुष और एक महिला के बीच सभी रिश्ते वैध हैं। हम लोहिया जी के अनुयायी हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि पार्टी सुप्रीमो को तेज प्रताप के बारे में अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सिंह ने कहा, हमने एक पुरुष द्वारा कई शादियां करने के पूर्व के उदाहरणों के बारे में देखा और सुना है। इसके कई उदाहरण हैं। चिराग पासवान को ही लें, जो रामविलास पासवान की दूसरी पत्नी की संतान हैं। ऐसे उदाहरण समाज में आम हैं।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने यह कहते हुए 25 मई को तेज प्रताप यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया था और उनके साथ सभी पारिवारिक संबंध तोड़ दिए थे कि उनकी यह हरकत ‘गैरजिम्मेदाराना’ है और सार्वजनिक आचरण के अनुरूप नहीं है।

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