'मोदी ने ट्रंप के दावे को खारिज करने का मौका गंवा दिया', कांग्रेस नेता खेड़ा का दावा

राजग सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपये का किया घोटाला
पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा
पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा
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पटना : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को दावा किया कि पाकिस्तान के साथ सैन्य गतिरोध के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के दावे को खारिज करने का 'जो मौका राहुल गांधी ने दिया था', उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर हुई बहस के दौरान 'गंवा दिया'। कांग्रेस नेता ने पटना में यह टिप्पणी की।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के पास पाकिस्तान के साथ सैन्य गतिरोध के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के दावे को खारिज करने का सुनहरा मौका था। यह मौका हमारे नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री को दिया था। प्रधानमंत्री ने इस मौके को गंवा दिया।

खेड़ा ने दावा किया, हमारे नेता राहुल गांधी ने सिर्फ एक सवाल पूछा था, लेकिन जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब दिया, उससे पता चलता है कि उनके पास कोई जवाब नहीं था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए किसी भी वैश्विक नेता ने भारत से नहीं कहा। उन्होंने कांग्रेस पर 'पाकिस्तान से मुद्दे आयात करने' का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।

लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चली 16 घंटे से अधिक लंबी चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के उस आरोप का खंडन किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार 'सीज़फायर में मध्यस्थता' के दावे का जिक्र किया गया था। मोदी ने कहा कि उन्होंने 9 मई की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे. डी. वांस से साफ कह दिया था कि भारत पर किसी भी हमले की पाकिस्तान को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

खेड़ा ने राज्य विधानसभा में पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य की राजग सरकार ने ‘70,000 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया है।’

कांग्रेस नेता ने कहा, राज्य की राजग सरकार ने दावा किया था कि पुल बनाए गए हैं, चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है और शिक्षा तथा रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। फिर भी आम लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि सरकार के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। यह चौंकाने वाला तथ्य कैग की रिपोर्ट में सामने आया है। राज्य के वित्त पर कैग की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट पिछले सप्ताह राज्य विधानसभा में पेश की गई थी।

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