'शराबबंदी BJP-JDU नेताओं और माफियाओं की कमाई का जरिया बन गई', तेजस्वी का आरोप

कहा- शराबबंदी कानून की खामियां बेनकाब हो रही हैं
सांकेतिक तस्वीर
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पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी जाने और कई लोगों की हालत गंभीर होने की घटना को दुखद बताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियां उजागर होती हैं।

नेता प्रतिपक्ष की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

तेजस्वी ने कहा कि यह केवल सरकारी आंकड़ा है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दर्जनों लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।

RJD नेता ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य पूरी तरह भटक चुका है और यह सत्ताधारी BJP-JDU के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों तथा उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं के लिए कमाई का जरिया बन गया है।

उन्होंने दावा किया कि बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बनाई जा रही है और पुलिस की कथित मिलीभगत से धड़ल्ले से बेची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी घर-घर आपूर्ति हो रही है और सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है, जिसकी कीमत गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं।

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