‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ के बहाने CM चौधरी का हमला, कहा- महिला आरक्षण रोक रहा विपक्ष

विपक्ष पर सामान्य और गरीब वर्ग की महिलाओं का रास्ता रोकने का आरोप
पटना में ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ को संबोधित करते बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
पटना में ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ को संबोधित करते बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) एवं अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां नहीं चाहतीं कि सामान्य और गरीब वर्ग की महिलाएं सांसद और विधायक बनें। चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी केवल अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा और RJD नेता लालू प्रसाद यादव अपनी बेटी को सांसद देखना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों के महिला मोर्चा के आह्वान पर निकाली गई ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में भाग लेने के बाद आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

यह पदयात्रा महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम, यानी लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने के विरोध में निकाली गई। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक विधेयक नहीं है, यह देश की आधी आबादी से जुड़ा सवाल है। महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

चौधरी ने आरोप लगाया कि कुछ दल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि विधेयक पारित होने पर प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव आता और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ती। इसे सामाजिक बदलाव से भी जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों ने दशकों से महिलाओं के आरक्षण में बाधा डाली है जबकि केंद्र और बिहार में राजग सरकारें महिलाओं के उत्थान के लिए काम करती रही हैं।

चौधरी ने कहा, नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा एवं प्रगति के लिए काम किया है। अब आपका भाई सम्राट चौधरी उसी काम को आगे बढ़ाएगा। यदि कोई आपकी सुरक्षा और प्रगति के रास्ते में आएगा, तो हम उसे पाताल से भी खोज निकालेंगे।

इस अवसर पर BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विधेयक पारित नहीं होने के बाद जश्न मनाना गलत संदेश देता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर अभियान तेज किया जाएगा और जिलों में भी रैलियां निकाली जाएंगी।

पटना के कारगिल चौक से शुरू हुआ यह मार्च गांधी मैदान तक पहुंचा। रास्ते भर महिलाओं ने नारे लगाए और माहौल पूरी तरह राजनीतिक रहा। BJP और उसके सहयोगी दलों ने इस मुद्दे को सीधे महिलाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी रोकने की कोशिश की गई है और यह नारी सम्मान के खिलाफ है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। वे बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचीं। गांधी मैदान में आयोजित सभा में नेताओं ने अपने विचार रखे।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति यादव ने जन आक्रोश रैली को “पूरी तरह विफल आयोजन” बताया। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में कहा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी और प्रशासनिक तंत्र के भारी इस्तेमाल के बावजूद भीड़ कम थी और उसमें मुख्य रूप से जीविका दीदियां शामिल थीं।

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