

पटना : बिहार विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र के दौरान दिवगंत रामविलास पासवान को 'बेचारा' कहने से संबंधित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक की टिप्पणी के खिलाफ रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने RJD को दलित विरोधी करार दिया और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का पुतला फूंका।
बोध गया विधानसभा सीट से RJD के विधायक कुमार सर्वजीत ने बुधवार को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए उन्हें बेचारा कहा था।
सर्वजीत ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया था कि बिहार की राजनीति में पासवान के योगदान को रेखांकित करते हुए पटना में प्रमुख स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए।
दलित नेता पासवान ने साल 2000 में LJP की स्थापना की थी। 2021 में विभाजित होने के बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई, जिनमें से एक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का नेतृत्व पासवान के बेटे चिराग पासवान जबकि दूसरे धड़े राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी की अगुवाई रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस करते हैं।
LJP (रामविलास) के प्रदेश प्रमुख राजू तिवारी और मंत्री सुमन कुमार पासवान ने रविवार को विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
तिवारी ने कहा, विधानसभा में हमारी पार्टी के संस्थापक के लिए इस्तेमाल किया गया एक शब्द यह दर्शाता है कि तेजस्वी यादव की मानसिकता दलित विरोधी और समाज विरोधी है। उनकी पार्टी सोमवार को विधानसभा में राजद के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
रामविलास पासवान प्रमुख दलित नेता थे, जो पांच दशक के अपने राजनीतिक करियर के दौरान छह अलग-अलग प्रधानमंत्रियों की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे। मंत्री संजय कुमार पासवान ने संबंधित विधायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार की वजह से ही RJD विधानसभा में महज 25 सीटों पर सिमट गई और आने वाले दिनों में उसकी स्थिति शून्य हो जाएगी। उन्होंने यह भी मांग की कि RJD विधायक सदन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा LJP (रामविलास) के विधायक सोमवार को विधानसभा में विरोध प्रदर्शन करेंगे।