Bihar Election : 59% दलों ने वित्तीय विवरण का नहीं किया खुलासा

ADR की रिपोर्ट में बिहार चुनाव पर बड़ा खुलासा
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नयी दिल्ली/ पटना : चुनाव अधिकार संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के अनुसार, बिहार में आधे से अधिक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने 2023-24 के लिए अपने अनिवार्य वित्तीय विवरण का खुलासा नहीं किया हैं। NGO ने 275 ऐसे दलों की समीक्षा की - जिनमें से 184 बिहार में और 91 अन्य राज्यों में पंजीकृत हैं। इनमें से 163 (59.27 %) ने न तो अपनी ऑडिट रिपोर्ट अपलोड की है और न ही 20 हजार रुपये से अधिक के चंदा का विवरण राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया है। इनमें से 113 ने 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था।

समता पार्टी की सर्वाधिक आय

रिपोर्ट के अनुसार केवल 67 दलों (24.36 %) ने 2023-24 के लिए ऑडिट और चंदा रिपोर्ट सार्वजनिक की, जिसमें सामूहिक रूप से 85.56 करोड़ रुपये की आय, 71.49 करोड़ रुपये का व्यय और 71.73 करोड़ रुपये के चंदे दान की घोषणा की गई। दिल्ली में पंजीकृत समता पार्टी ने सबसे अधिक 53.13 करोड़ रुपये की आय की सूचना दी, उसके बाद SUCI ने 9.59 करोड़ रुपये की आय की जानकारी दी।

ADR के आकलन में निर्वाचन आयोग की हालिया कार्रवाई को भी शामिल किया गया है, जिसमें निष्क्रियता और गैर-अनुपालन जैसे मुद्दों को लेकर अगस्त और सितंबर में 32 दलों को सूची से हटा दिया गया था। इन दलों में सबसे अधिक आय बिहार की राष्ट्रीय सर्वोदय पार्टी (जनवरी 2014 में पंजीकृत) ने घोषित की। उसकी 5 साल में आय 10.66 करोड़ रुपये थी, जो 2021-22 में 4.26 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

28 दलों ने चुनाव नहीं लड़ा

रिपोर्ट के अनुसार बिहार में पंजीकृत 28 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने कोई चुनाव नहीं लड़ा। वित्त वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक उनकी संयुक्त 5-वर्षीय आय 1.52 करोड़ रुपये है। 31 दलों की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध थी लेकिन चंदा का विवरण नहीं था।

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