नहीं रहे 'धरती पकड़' नागरमल बाजोरिया,पंचायत से राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ा था

'धरती पकड़' नागरमल बाजोरिया
'धरती पकड़' नागरमल बाजोरिया
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पटना : चुनावी राजनीति में हार-जीत की परवाह किये बिना केवल लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी निभाने वाले और जीवटता की अनूठी मिसाल कायम करने वाले भागलपुर न‍िवासी नागरमल बाजोरिया उर्फ ‘धरती पकड़’ का आज निधन हो गया। 97 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस पटना में ली । बढ़ती उम्र के चलते वो पिछले कई साल से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। बता दें, नागरमल बाजोरिया सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि जीवटता की जीती जागती मिसाल थे।

280 से अधिक चुनाव लड़े थे

उन्होंने पंचायत से लेकर राष्ट्रपति पद तक 280 से अधिक चुनाव लड़े थे । धरती पकड़ के नाम से मशहूर नागरमल बजोरिया को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। घरवालों के अनुसार धरती पकड़ नागरमल बाजोरिया पिछले 10 से 15 दिन से बीमार थे और पटना के पीएमसीएच में उनका इलाज चल रहा था। गुरुवार को उन्होंने पीएमसीएच में ही अंतिम सांस ली। अब उनके पार्थिव शरीर को भागलपुर ले जाया गया है।

शुक्रवार को भागलपुर में होगा अंतिम संस्कार

नागरमल बजोरिया का चुनावी दफ्तर वैसे तो पटना के एग्जिबिशन रोड चौराहे पर खुला रहता था, लेकिन वह रहने वाले भागलपुर के थे। वहां के एम पी द्विवेदी रोड में उनका घर है। नागरमल बाजोरिया का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किए जाने की तैयारी है। उनके घरवालों के मुताबिक भागलपुर के बरारी घाट पर शुक्रवार को 11 बजे नागरमल बाजोरिया का अंतिम संस्कार किया जाएगा। नागरमल बाजोरिया के तीन बेटे हैं जिनके नाम सतीश कुमार बाजोरिया, अजय कुमार बाजोरिया और दिलीप कुमार बाजोरिया हैं।

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