

पटना : बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को हो रहे मतदान के बीच जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी 202 विधायकों ने वोट डाल दिया है जबकि विपक्षी महागठबंधन के चार विधायकों ने अब तक मतदान नहीं किया है।
कुमार के अनुसार NDA के सभी विधायकों की एकजुटता स्पष्ट दिखाई दी है और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मुकाबले में खड़ा है। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान NDA के सभी 202 विधायकों ने वोट डालकर अपनी एकता और रणनीतिक मजबूती का प्रदर्शन किया है, हालांकि विपक्षी महागठबंधन के 4 विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि इनमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के ढाका से विधायक फैजल रहमान तथा कांग्रेस के 3 विधायक मनिहारी के मनोहर प्रसाद सिंह, वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र कुशवाहा और फारबिसगंज के मनोज विश्वास ने मतदान नहीं किया है। इन विधायकों की अनुपस्थिति ने महागठबंधन की रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने भी एक विवाद पर सफाई दी है। पार्टी की दो महिला विधायकों के नेता प्रतिपक्ष के कक्ष में जाने को लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इस पर पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलतफहमी है और इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक मंशा नहीं थी।
श्याम सुंदर शरण ने कहा कि विधायक दीप कुमारी और ज्योति देवी अनजाने में नेता प्रतिपक्ष के कक्ष में चली गई थं। कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ NDA के साथ खड़ी है और भविष्य में भी गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी। राज्यसभा चुनाव के बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है।
चौधरी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी पार्टी और अपनी राजनीति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राजग राज्यसभा की सभी पांच सीट पर जीत हासिल करेगा।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे नितिन नवीन, राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव, भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर और जेल में बंद जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह समेत विभिन्न नेताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मतदान सुबह 9 बजे बिहार विधानसभा परिसर में शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। मतगणना शाम 5 बजे के बाद शुरू होगी, जिसके बाद परिणाम घोषित होने की उम्मीद है। बिहार के मुख्यमंत्री और JDU के प्रमुख नीतीश कुमार तथा नितिन नवीन NDA के उम्मीदवारों में शामिल हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के अन्य 3 उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भाजपा के शिवेश कुमार हैं।
मतदान करने के बाद यादव ने कहा, ‘‘हमारे उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह जीतेंगे, क्योंकि हमें AIMIM के 5 विधायकों और बसपा के एक विधायक का समर्थन मिला है। JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने सोमवार को कहा, NDA के सभी पांच उम्मीदवार जीतेंगे।
विपक्षी दल क्या दावा कर रहे हैं, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। AIMIM ने रविवार को घोषणा की थी कि उसके सभी पांच विधायक राज्यसभा चुनाव में RJD उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने कहा, अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहे तो मैं अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा। मेरे बच्चे चुनाव लड़ेंगे।
सिंह को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। दुलार चंद यादव प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के स्थानीय उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे। सिंह को अब तक जमानत नहीं मिल सकी है, लेकिन उन्हें पैरोल पर मतदान करने की अनुमति दी गई।
4 सीटों के लिए संख्या बल राजग के पक्ष में सहज रूप से होने और 5वीं सीट के लिए मामूली कमी रहने के कारण विपक्ष ने RJD उम्मीदवार उतारकर चुनाव को मुकाबले वाला बना दिया। एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए राज्य प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की है। NDA का लक्ष्य सभी पांच सीटें जीतना है, लेकिन इसके लिए उसे विपक्षी खेमे के 3 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।