

पटना : युवा कांग्रेस के सदस्यों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और दिल्ली में AI शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में अपने साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में पटना में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पुतले भी जलाए।
दिल्ली में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि और संगठन के प्रदेश सचिव कुंदन यादव शामिल हैं।
चनपटिया से विधायक अभिषेक रंजन ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि युवा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई असहमति की आवाज को दबाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा, अगर युवा, सरकार के गलत कार्य के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें दबा दिया जाता है ताकि कोई भी चुनौती देने की हिम्मत न करे।
रंजन ने दावा किया कि युवा कांग्रेस के नेता शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हिरासत में लिए जाने से पहले पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर बाहरी दबाव में आकर विदेशी राष्ट्रों के साथ एकतरफा व्यापार समझौते करने का भी आरोप लगाया। रंजन ने 'एपस्टीन फाइल' से जुड़ी खबरों का हवाला देते हुए पुरी के इस्तीफे की मांग की और इस पर चर्चा की मांग की।
युवा कांग्रेस के एक अन्य नेता शिव प्रकाश गरीब दास ने आरोप लगाया कि चभारत का गौरव, अखंडता और लोकतंत्र खतरे में है' और चेतावनी दी कि अगर हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो देशव्यापी आंदोलन होगा।
उन्होंने कहा, हम आज सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर हमारे साथियों को रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन पूरे देश में तेज हो जाएगा।