गंडक बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बैराज से जल निकासी तथा तटबंधों की स्थिति पर सतर्क रहने का निर्देश दिया
बाढ़ जैसी स्थिति
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पटना : बिहार में गंडक नदी में सोमवार को 5.43 लाख क्यूसेक पानी के प्रवाह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पूरी रात बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने और जलस्तर, बैराज से जल निकासी तथा तटबंधों की स्थिति पर सतर्क एवं पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।

जल संसाधन विभाग ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से सोमवार सुबह पांच बजे अधिकतम 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने रातभर स्थिति की लगातार निगरानी रखने के लिए कहा है।

बैराज से जल निकासी अब घटने लगी है, जिससे हालात में तेजी से सुधार की संभावना है। हालांकि, निचले इलाकों से जलस्तर कम होने में अभी कुछ समय लगेगा।

मुख्यमंत्री ने जलस्तर, बैराज से पानी के प्रवाह, तटबंधों की स्थिति और तटबंधों पर गश्त की समीक्षा की तथा अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया।

विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह सात बजे गंडक बैराज का डिस्चार्ज घटकर 4,97,200 क्यूसेक रह गया, जबकि कोसी और सोन नदियों में जलप्रवाह बढ़ने का रुझान दर्ज किया गया। बिरपुर स्थित कोसी बैराज पर 1,80,490 क्यूसेक तथा इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज पर 1,36,124 क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया।

आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने बताया कि कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा में कोसी, ढेंग, सोनाखान, कटौंझा और बेनीबाद में बागमती तथा गोवा बारी में लालबकेया नदी शामिल हैं।

डीएमडी के अनुसार, नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से हुई भारी बारिश के कारण गंडक, कोसी, बागमती समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कुछ जिलों के निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है।

विभाग ने बताया कि ताजा बाढ़ से सुपौल और पश्चिम चंपारण के दो जिलों के 11 प्रखंडों की 23 ग्राम पंचायतों में लगभग 82,000 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 173 नावों का संचालन किया जा रहा है, जबकि 13 सामुदायिक रसोई के माध्यम से सुपौल और पश्चिम चंपारण में 17,466 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

डीएमडी ने बताया कि सितंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में आई बाढ़ से राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतों में लगभग 50.49 लाख लोग प्रभावित हुए थे। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।

बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

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