विश्व नदी दिवस पर मूर्ति नदी की पूजा, संरक्षण का दिया संदेश

पर्यावरणप्रेमियों की पहल, पर्यटकों ने भी लिया हिस्सा; नदी को प्रदूषणमुक्त रखने की अपील
विश्व नदी दिवस पर मूर्ति नदी की पूजा, संरक्षण का दिया संदेश
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नागराकाटा : विश्व नदी दिवस के अवसर पर रविवार को पर्यावरणप्रेमियों की ओर से नदी पूजा का आयोजन कर जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया। माल प्रखंड के नवनिर्मित मूर्ति पुल के नीचे मूर्ति नदी के तट पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ मूर्ति घूमने पहुंचे पर्यटकों ने भी हिस्सा लिया।

पर्यावरणप्रेमी मानवेन्द्र दे सरकार, सुमन चौधरी, अनिर्बाण मजुमदार और साबुल हक की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नदियों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। नदी पूजा के माध्यम से मूर्ति नदी को प्रदूषणमुक्त रखने तथा इसके प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता के संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरणप्रेमियों ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। नदियों के प्रदूषण और उनके प्राकृतिक स्वरूप में लगातार हो रहे बदलाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।

पर्यावरणप्रेमी अनिर्बाण मजुमदार ने कहा कि नदी हमारी मां के समान है। दिन-ब-दिन विभिन्न नदियां प्रदूषित और नष्ट हो रही हैं। नदियों के अस्तित्व पर संकट आने का सीधा असर जैव विविधता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के साथ उनके संरक्षण के लिए सभी लोगों को आगे आना होगा।

आयोजकों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी में कचरा नहीं फेंकने तथा नदी और उसके आसपास के प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ रखने की अपील की। नदी पूजा के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया गया।

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