‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कहने वालों के टुकड़े कर देंगे : CM

कहा - ‘गांधीजी नहीं, नेताजी की भाषा में बात करेंगे’
‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कहने वालों के टुकड़े कर देंगे : CM
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर लगाए गए देश-विरोधी नारों पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। विधानसभा में यूनिवर्सिटी से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ऐसे नारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “भारत तेरे टुकड़े होंगे” कहने वालों के हम टुकड़े कर देंगे। “कश्मीर मांगे आज़ादी” का नारा लगाने वालों से हम गांधीजी की भाषा में नहीं, बल्कि नेताजी की भाषा में जवाब देंगे। सीएम ने कहा कि इस पुण्यभूमि पर रेड सैल्यूट नहीं चलेगा। ये लोग चिह्नित हैं और ये कथित छात्र हैं। इनका ब्रेनवॉश करने वालों को भी कड़ी दवाई देनी होगी। सीएम ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय को 1,300 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, लेकिन देश विरोधी और भारतीय संस्कृति के विरोध में नारे को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। पूर्व कुलपति गोपाल सेन की 1970 में हुई हत्या का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो सरकार इस घटना की जांच के लिए एक आयोग का गठन करेगी। विश्वविद्यालय में ‘‘देश विरोधी ताकतों’’ के हिमायतियों का ‘‘इलाज’’ करना जरूरी हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर परिसर में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ के नारे लगाए गए, तो सरकार महात्मा गांधी की नहीं बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भाषा में जवाब देगी।

जो विधेयक से खुश नहीं हैं, वे नौकरी छोड़ सकते हैं...

विश्वविद्यालय तबादला बिल पर सीएम शुभेंदु ने बड़ा बयान दिया है। विधानसभा में सीएम ने कहा कि इस प्रस्तावित कानून के जरिए ‘‘तथाकथित पंडितों’’ को नए स्थापित संस्थानों में भेजा जाएगा, जिससे उन नये संस्थानों को फायदा होगा। सीएम शुभेंदु ने कहा कि ‘यह विधेयक संस्थानों की स्वायत्तता और सरकार के प्रति जवाबदेही के बीच संतुलन बनाएगा। इससे पीएचडी पर्यवेक्षण और परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो लोग इस विधेयक के प्रावधानों से खुश नहीं हैं, वे अपनी नौकरी छोड़ सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जेयू में हाल के दिनों में हुई नारेबाजी से माहौल गर्म है।

क्या है नये विधेयक में ?

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं कॉलेज (प्रशासन और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इसके तहत सरकार राज्य के एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में शिक्षण (टीचर्स/प्रो.) और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के तबादले कर सकेगी। यह विधेयक उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पेश किया। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित कानून के जरिए ‘‘कथित विद्वानों’’ को नये स्थापित संस्थानों में भेजा जाएगा, जिससे इन संस्थानों को लाभ मिलेगा। कई अनुभवी प्रोफेसरों को नए विश्वविद्यालयों में भेजा जाएगा। वे मार्गदर्शन देंगे कि बुनियादी ढांचा कैसा होना चाहिए, क्लास किस तरह संचालित की जाएं और संस्थानों को उत्कृष्टता के केंद्र में कैसे बदला जाए।

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