

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी करीब 30 साल बाद फिर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। रविवार को कांग्रेस ने अधीर रंजन को बहरमपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार के रूप में उतारा है। साेमवार को यहां मीडिया से बातचीत करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'मैं कोई पहली बार चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। मैं पहले भी चुनाव लड़ चुका हूं। मैं विधायक रह चुका हूं। 1999 से लगातार लोकसभा सांसद रहा हूं। 2024 में भी लोकसभा चुनाव लड़ा था। अब फिर से पार्टी ने मुझे उम्मीदवार बनाया है। मैं विधानसभा चुनाव लड़ूंगा।' उन्होंने कहा कि मैं पार्टी मैन हूं, पार्टी जो निर्देश देगी, मैं उसका पालन करूंगा। लड़ना मेरी आदत है और मैं लड़ता जाऊंगा।
वहीं तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया था कि अधीर रंजन चौधरी और हुमायूं कबीर दोनों ही बीजेपी की सुरक्षा के साथ घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं हुमायूं कबीर और अधीर रंजन को चुनौती देता हूं कि अगर आप जनता के प्रतिनिधि हैं तो जो अत्याचार नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अल्पसंख्यकों पर किये हैं, अगर आपमें न्यूनतम भी विवेक है ताे आप अपने सुरक्षा कर्मियों को उन्हें लौटा दें, राज्य सरकार 24 घंटे में सुरक्षा कर्मी मुहैया करायेगी। मैं खुद ममता बनर्जी से अनुरोध करूंगा। इस पर साेमवार को प्रतिक्रिया देते हुए अधीर चौधरी ने कहा कि उन्हें आज से नहीं, बल्कि 2019 से केंद्रीय सुरक्षा दी गयी है। इसके अलावा राज्य पुलिस की सुरक्षा भी उन्हें मिली हुई है, जो पायलट गाड़ी है, वह भी राज्य पुलिस की है। वहीं, बंगाल में SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता जताई।