पूरी चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल है : तृणमूल

मीडिया को संबोधित करते मंत्री ब्रात्य बसु और सांसद सायनी घोष
मीडिया को संबोधित करते मंत्री ब्रात्य बसु और सांसद सायनी घोष Gopal Rao
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य में चुनाव से संबंधित पुलिस ऑब्जर्वर्स की नियुक्तियों को लेकर तृणमूल ने कड़ा विरोध जताया है। मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ब्रात्य बसु और सांसद सायनी घोष ने चुनाव आयोग और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। सांसद सायनी ने कहा कि ममता बनर्जी को हराने में असमर्थ भाजपा हर रणनीति अपना रही है और साजिश कर रही है। इससे पहले मालदा में एक पुलिस ऑब्जर्वर्स के बारे में सवाल उठाये गये थे। गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में तृणमूल ने चार और ‘ऑब्जर्वर’ के कथित पिछले रिकॉर्ड सार्वजनिक किए और आयोग की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा किया।

तृणमूल का आरोप है कि अब चुनाव आयोग भाजपा की ‘नियुक्तिकर्ता संस्था’ (रिक्रूटमेंट एजेंसी) बनकर रह गया है। तृणमूल का कहना है कि राज्य में चुनाव की निष्पक्ष प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि यह केवल अधिकारियों की पारदर्शिता का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है। इन चार पुलिस ऑब्जर्वर्स में मालदा के गाजोल, मध्यमग्राम, बनगांव दक्षिण और बालीगंज क्षेत्र शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इन नियुक्तियों को चुनाव आयोग द्वारा भाजपा के पक्ष में चल रही राजनीतिक प्राथमिकता का संकेत बताया है और इसे राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रक्रिया के लिए खतरा करार दिया है। मंत्री ब्रात्य बसु ने आरोप लगाया कि 294 सीटों पर ही साजिश की जा रही है। वहीं सायनी घोष ने कहा कि चुन चुनकर महिलाओं, मुस्लिमों के नाम हटाये जा रहे हैं। मध्यरात्रि में अचानक सभी लोग “अंडरजुडिकेशन” में चले गए। यह क्या है। आप इसे टेक्निकल एरर बता रहे हैं।

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