

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल ने मंगलवार काे “द हेट फाइल्स चार्जशीट 1” शीर्षक से एक दस्तावेज जारी कर शुभेंदु अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए। पार्टी की ओर से जारी वक्तव्य में अधिकारी को “विभाजनकारी राजनीति” का प्रतीक बताते हुए उन पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। तृणमूल ने अपने आरोप में 19 दिसंबर 2020 को अधिकारी के भाजपा में शामिल होने को पार्टी ने शारदा और नारदा घोटालों से जुड़े मामलों में जांच से बचने की कोशिश बताया। 21 फरवरी 2024 को एक सिख अधिकारी को “खालिस्तानी” कहकर सिख समुदाय की गरिमा पर सवाल उठाने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा 11 मार्च 2025 को कथित तौर पर यह बयान दिया गया कि यदि बंगाल में भाजपा सत्ता में आई तो मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर कर दिया जाएगा। तृणमूल ने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसे बयानों पर कोई कार्रवाई नहीं करती और सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देती है। पार्टी ने मतदाताओं से आगामी चुनाव में “एकजुट होकर जवाब देने” की अपील की है।