

हावड़ा : दसलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर डबसन रोड स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में क्षमावाणी महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और विशेष क्षमावाणी पूजन आयोजित किया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही।
विद्वान जीतेन्द्र जैन शास्त्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजन में भाग लिया। पूजन के बाद समाज के लोगों ने एक-दूसरे से ‘मिच्छामि दुक्कडं’ और ‘उत्तम क्षमा’ कहते हुए जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा मांगी और परस्पर मैत्रीभाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सुजीत जैन ‘सोनू भैया’ ने कहा कि जैन दर्शन में क्षमा को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार क्षमा मांगने से अहंकार का त्याग होता है और क्षमा करने से आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। क्षमावाणी पर्व आपसी वैमनस्य समाप्त कर प्रेम, करुणा और सौहार्द का संदेश देता है।
कार्यक्रम में मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों, महिला मंडल तथा हावड़ा-कोलकाता अंचल के बड़ी संख्या में दिगम्बर जैन समाज के लोग शामिल हुए।
सुभाष पांड्या, सुशील पांड्या, डूंगरमल गंगवाल, सुरेश गंगवाल, प्रकाश पहाड़िया, भागचंद गंगवाल, पंकज बगड़ा, राजेश बगड़ा, भागचंद बडजात्या, सुरेंद्र जैन, विनीत जैन, बसंत सेठी, अचल जैन, विनोद गंगवाल, अविनाश लुहाड़िया, नितेश जैन, नीरज जैन, राजेश अजमेरा, प्रतीक जैन और अमित जैन सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे।