चुनाव का रंग कोलकाता के मिष्टी संदेश पर भी

चुनाव का रंग कोलकाता के मिष्टी संदेश पर भी
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सबिता राय

कोलकाता : बंगाल की मिष्टी यानि मिठाई पूरी दुनिया में मशहूर है। अब चुनाव का रंग कोलकाता के संदेश (मिठाई)पर भी दिखने लगा है। बंगाल की पारंपरिक संदेश को राजनीतिक पार्टियों के सिंबल के अनुरूप तैयार किया गया है। तृणमूल, भाजपा, कांग्रेस व माकपा इन पार्टियों के सिंबल के अनुरूप तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इन पार्टियाें के कार्यकर्ता के साथ ही समर्थक के लेकर आम लोग भी इस तरह की चुनावी रंग वाली मिठाईयों में रूचि दिखा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक भारी संख्या में इस तरह के मिठाईयों के ऑर्डर भी मिल रहे हैं। कोलकाता की पहचान उसकी संस्कृति, कला और स्वादिष्ट मिठाइयों से जुड़ी रही है, जिनमें संदेश का विशेष स्थान है। परंपरागत रूप से छेना और चीनी से बनने वाली यह मिठाई अपनी सादगी और स्वाद के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। लेकिन चुनावी मौसम में इस पारंपरिक मिठाई ने एक नया रूप ले लिया है।

अलग-अलग राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह—जैसे कमल, जोड़ा-फूल, हाथ, हंसुआ हथौड़ा आदि—के आकार में संदेश तैयार
अलग-अलग राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह—जैसे कमल, जोड़ा-फूल, हाथ, हंसुआ हथौड़ा आदि—के आकार में संदेश तैयार

दुकानदार अलग-अलग राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह—जैसे कमल, जोड़ा-फूल, हाथ, हंसुआ हथौड़ा आदि—के आकार में संदेश तैयार कर रहे हैं। इन मिठाइयों को विशेष रंगों और डिजाइन के साथ सजाया जा रहा है, ताकि वे संबंधित पार्टी की पहचान को दर्शा सकें। यह पहल केवल रचनात्मकता का उदाहरण नहीं है, बल्कि एक तरह की मार्केटिंग रणनीति भी है, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। लोग भी उत्सुकता से इन खास संदेशों को खरीद रहे हैं और चुनावी माहौल का हिस्सा बन रहे हैं। हालांकि, यह ट्रेंड यह भी दिखाता है कि बंगाल में राजनीति केवल रैलियों और भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी और परंपराओं में भी घुल-मिल जाती है।

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