नदिया के 16 वर्षीय तबला प्रतिभा को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

सुमन सरकार के तबला और सेवा के संगम को देश का सलाम
नदिया के 16 वर्षीय तबला प्रतिभा को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: महज 16 वर्ष की उम्र में नदिया जिले के सुमन सरकार ने अपनी प्रतिभा और संवेदनशीलता से देश का नाम रोशन किया है। तबले पर उंगलियों की जादुई चाल और समाजसेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया। कला और संस्कृति के क्षेत्र में यह उपलब्धि न सिर्फ जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।

पिछले 13 वर्षों से सुमन पूरी निष्ठा से तबला साधना में जुटे हैं। अब तक वे भारत और विदेश में 62 से अधिक मंचों पर प्रस्तुति दे चुके हैं और 43 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं, जिनमें 22 प्रथम स्थान शामिल हैं। डोवर लेन म्यूजिक कॉन्फ्रेंस और भारत–बांग्लादेश सांस्कृतिक प्रतियोगिता सहित कई प्रतिष्ठित मंचों पर उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है लेकिन सुमन की पहचान सिर्फ एक कलाकार के रूप में नहीं है।

उन्होंने अपने पुरस्कारों की राशि से आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए तबले खरीदे और उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण देना शुरू किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने ‘रानाघाट ह्यूमैनिटीज़ एजुकेशन सेंटर’ की स्थापना की, जहां 42 बच्चे संगीत सीख रहे हैं। सुमन आज की पीढ़ी के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं। सूत्रों के अनुसार, सीएम ममता बनर्जी ने भी सुमन को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है।

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