

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य सरकार ने पशु कल्याण को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में सभी नगरपालिका क्षेत्रों में एनिमल शेल्टर बनाये जाने का फैसला किया है। अर्बन डेवलपमेंट एंड म्युनिसिपल अफेयर्स (यूडीएमए) विभाग और एनिमल रिसोर्स डेवलपमेंट (एआरडी) विभाग की तरफ से इस दिशा में काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अभी तक 27 नगरपालिकाओं में शेल्टर बिल्डिंग का काम किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया जारी है। शेष क्षेत्रों में इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। यहां उल्लेखनीय है कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में पहले से इस तरह का एक शेल्टर है जबकि एक और की तैयारी चल रही है।
कैसा होगा एनिमल शेल्टर
अधिकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य बेसहारा और बीमार पशुओं को सुरक्षित आश्रय, बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यहां पशुओं की देखरेख से लेकर उनके हेल्थ चेकअप की सुविधाएं होंगी। एनिमल शेल्टरों में पशुओं के रहने की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच, वैक्सीनेशन आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एआरडी के दो ऑफिसर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसमें एनजीओ के भी सुझाव लिये जा सकते हैं। प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र के एनिमल शेल्टर में एआरडी विभाग के दो अधिकारी रहेंगे। इसके साथ ही पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से भी सुझाव लिए जाने की योजना है, ताकि शेल्टरों को अधिक प्रभावी और संवेदनशील ढंग से संचालित किया जा सके।
एक नजर इस पर
एनिमल रिसोर्स डेवलपमेंट विभाग की तरफ से राज्यभर में 726 एनिमल अस्पताल कर्यरत हैं।
13000 से अधिक प्रशिक्षित इंटेंशिव वर्कर हैं जिन्हें राज्य सरकार ने पशु कल्याण कार्य से जोड़ा है।
मोबाइल वेटनरी क्लीनिक की संख्या 126 है। एनिमल देखभाल व स्वास्थ्य सुझाव के लिए इसके माध्यम से कैंप लगाये जाते हैं।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) यह एक चलता-फिरता पशु चिकित्सालय होता है जो विभिन्न जगहों पर जाकर पशुपालकों को पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराता है।