

भाजपा कार्यकर्ताओं के जुटने के बाद कई पार्षद लौटे
पानीहाटी : पानीहाटी नगरपालिका में करीब एक महीने से जारी प्रशासनिक गतिरोध को दूर करने और लंबित विकास कार्यों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को बुलाई गई बोर्ड बैठक सुरक्षा कारणों से नहीं हो सकी। बैठक से पहले नगरपालिका परिसर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं के जुटने के बाद माहौल को देखते हुए कई पार्षद लौट गए। इसके बाद बैठक रद्द कर दी गई। बैठक में 10 पार्षदों के इस्तीफे, लंबित वित्तीय मंजूरियों और विकास कार्यों के साथ नगरपालिका के नेतृत्व को लेकर भी चर्चा होनी थी। साथ ही चेयरमैन की नियुक्ति पर भी विचार किया जाना था। मालूम हो कि पानीहाटी नगरपालिका में चेयरमैन की अनुपस्थिति और 10 पार्षदों के इस्तीफे को लेकर पहले से ही प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शुक्रवार की बैठक को गतिरोध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इस संबंध में वाइस चेयरमैन सुभाष चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि नगरपालिका परिसर के बाहर भाजपा कार्यकर्ता अंडे लेकर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि पार्षदों को अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका थी, जिसके कारण वे बैठक में शामिल हुए बिना लौट गए। उन्होंने बताया कि नगरपालिका में कुल 35 पार्षद हैं, जिनमें 33 तृणमूल कांग्रेस, जबकि एक-एक पार्षद कांग्रेस और माकपा के हैं। वहीं, भाजपा नेता जय साहा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता नागरिक समस्याओं को लेकर नगरपालिका पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बोर्ड नागरिकों को बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल रहा है। ऐसे में नगरपालिका में प्रशासक नियुक्त करना ही उचित विकल्प होगा।
चेयरमैन के अभाव में विकास कार्यों पर पड़ा असर
वाइस चेयरमैन सुभाष चक्रवर्ती ने कहा कि चेयरमैन की अनुपस्थिति के कारण नगरपालिका के रोजमर्रा के कामकाज और नागरिक सेवाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 24, 25 और 26 समेत कई इलाकों में जलजमाव की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत का काम भी प्रभावित है। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कई जरूरी कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड बैठक बुलाई गई थी, ताकि चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर फैसला लिया जा सके और नगरपालिका का कामकाज दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके।