

सबिता राय, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की सूची रविवार को, यानी गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले घोषित की गई। इस वर्ष 131 लोगों में से कुल 11 लोग बंगाल से हैं। मशहूर अभिनेता प्रसेनजीत चट्टोपाध्याय को पद्मश्री से सम्मान की घोषणा हुई है। कला के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। डॉ. सरोज मंडल के लिए यह सम्मान की घाेषणा हुई। सरोज मंडल कोलकाता के एक जाने-माने और अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। इनके अलावा भी बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से और नौ विशिष्ठजन जो कला, साहित्य, रंगमंच से जामदानी तक, इनके लिए इस सम्मान की घोषणा की गयी।
इन 11 विशिष्ठ लोगों को सम्मान
अशोक कुमार हालदार : साहित्य और शिक्षा
गंभीर सिंह योनजोन : साहित्य और शिक्षा
हरिमाधब मुखोपाध्याय : कला
ज्योतिश देबनाथ : कला
कुमार बोस : कला
महेंद्रनाथ रॉय : साहित्य और शिक्षा
प्रसेनजीत चटर्जी : कला
रबिलाल टुडू : साहित्य और शिक्षा
सरोज मंडल : मेडिसिन
तरुण भट्टाचार्य : कला
तृप्ति मुखर्जी : कला
डॉ. सरोज मंडल के लिए यह सम्मान की घाेषणा हुई। सरोज मंडल कोलकाता के एक जाने-माने और अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ हैं।
प्रसेनजीत चटर्जी को पद्म श्री से सम्मानित किया जा रहा है। जाने माने अभिनेता प्रसेनजीत ने पांच दशकों से अधिक के अपने करियर में 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। छोटे पर्दे के अलावा, उन्होंने कई धारावाहिकों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
अशोक कुमार हालदार ने रेलवे सुरक्षा गार्ड के रूप में अपना करियर शुरू किया था। बाद में वे एक दलित लेखक के रूप में प्रसिद्ध हुए। पद्म पुरस्कारों की सूची में उनका नाम भी शामिल है।
कला जगत में विशेष योगदान के लिए विख्यात रंगमंच कलाकार हरिमाधव मुखर्जी को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान। इस कलाकार ने छह दशकों में साठ से अधिक नाटकों का निर्देशन किया।
ज्योतिश देबनाथ ने पिछले चार दशकों से जामदानी कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने दस हजार से अधिक बुनकरों को हाथ से यह कला सिखाई है।
तबला वादक कुमार बोस को पद्म श्री से सम्मानित किया जा रहा है। बनारस घराना के इस कलाकार को राज्य सरकार द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
कंथा कढ़ाई कलाकार तृप्ति मुखर्जी ने कंथा कढ़ाई की लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। तृप्ति ने 20,000 से अधिक महिलाओं को यह कला सिखाकर आत्मनिर्भर बनने में मदद की है।
विश्वविख्यात संतूर वादक तरुण भट्टाचार्य को पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है।
रसायन विज्ञान के प्रोफेसर और शोधकर्ता महेंद्रनाथ रॉय को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म सम्मान प्राप्त हो रहा है। उन्होंने चौदह से अधिक किताबें लिखी है।
दार्जिलिंग के शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता गंभीर सिंह योनजोन को इसी श्रेणी में पद्म पुरस्कार मिल रहा है।
प्रसिद्ध संताली लेखक रबीलाल टुडू को पद्म श्री से सम्मानित किया जा रहा है।