अब बिजली बिल 3 महीने के बजाय हर महीने

स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं
अब बिजली बिल 3 महीने के बजाय हर महीने
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल की बिजली वितरण कंपनी डब्ल्यूबीएसईडीसीएल के उपभोक्ताओं को अगले साल जनवरी से हर तीन महीने के बजाय प्रतिमाह बिजली का बिल मिलेगा। यानी उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल भेजा जाएगा। सीएम तथा बिजली विभाग के मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा से अहम घोषणा की। साथ ही डोमेस्टिक ग्राहकों के लिए अब स्मार्ट मीटर की बाध्यता नहीं होगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य की बिजली वितरण कंपनी डब्ल्यूबीएसईडीसीएल अगले साल जनवरी से अपने ग्राहकों को हर महीने बिजली का बिल भेजेगी। सीएम ने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनी आर्थिक रूप से मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी, रोजगार पैदा होंगे और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत खर्च में बढ़ोतरी होगी। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही सीएम ने बिजली चोरी रोकने के लिए मोबाइल ऐप लांच किया और अब बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत दी।

पीएम-कुसुम योजना 1 अगस्त से

मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बिजली विभाग की 5,341 करोड़ रुपये की अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब देते हुए सीएम ने घोषणा की कि राज्य सरकार 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (पीएम-कुसुम) को लागू करेगी। इसका मकसद खेती के काम में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर राज्य की ओर से दो रुपये प्रति यूनिट की अतिरिक्त सब्सिडी देकर खेती के क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। यह योजना एक अगस्त से लागू होगी। उन्होंने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत डब्ल्यूबीएसईडीसीएल पूरे राज्य में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बनाएगा जाएगा, जिसमें वाणिज्यिक वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा भी शामिल होगी।

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