

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा के 17वें सत्र का शनिवार को अंतिम दिन रहा। सत्र के समापन को लेकर जहां विधायकों में उत्साह और भावनात्मक माहौल देखने को मिला, वहीं सदन के भीतर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के बीच जमकर बयानबाजी भी हुई। आखिरी दिन को यादगार बनाने के लिए कई विधायक विधानसभा परिसर में फोटो खिंचवाते नजर आए, जबकि कुछ ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर संकेत भी दिए। इसी दौरान सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच एक-दूसरे पर तंज कसने का सिलसिला चलता रहा।
भाजपा विधायक विश्वनाथ कारक ने तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अब तृणमूल सरकार को आराम करना चाहिए। 15 साल में इन्होंने बहुत काम किया है इसलिए अब आराम करे। अब हमें काम करने का मौका दें।” इस बयान पर मंत्री बेचाराम मन्ना और चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि BJP विधायक पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे थे, क्योंकि वे भी जल्द ही पूर्व विधायक बनने वाले हैं और उन्हें पेंशन की जरूरत पड़ेगी। दरअसल, एक विधेयक पर चर्चा के दौरान विश्वनाथ कारक ने कहा कि यह सदन का अंतिम सत्र और अंतिम दिन है। इस पर मंत्री बेचाराम मन्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह उनका सदन में अंतिम वक्तव्य भी हो सकता है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। तृणमूल कांग्रेस चौथी बार सत्ता में लौटने को लेकर आत्मविश्वास जता रही है, जबकि भाजपा भी सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।