

मुर्शिदाबाद : पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले पुलिस ने एक निर्दलीय प्रत्याशी सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प से जुड़े पुराने मामले में की गई।
सैफुल इस्लाम हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) से जुड़ा बताएया जा रहा हैं। उन्हें 19 सितंबर को बरहमपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया।रेजीनगर और नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
2021 की झड़प से जुड़े मामले में कार्रवाई
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई एक झड़प से संबंधित मामले में की गई है। उस समय दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मामला दर्ज किया गया था। करीब पांच वर्ष पुराने इस प्रकरण में जांच के क्रम में पुलिस ने अब सैफुल को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई। मिलन प्रधान को भी पुलिस ने करीब दो दशक पुराने भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था।
हुमायूं कबीर को भी पुलिस ने भेजा नोटिस
पुलिस ने एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर को भी एक अन्य मामले में नोटिस जारी किया है। उन्हें सोमवार को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है। यह मामला दो समुदायों के बीच कथित तौर पर तनाव पैदा करने की साजिश से संबंधित है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह प्राथमिकी 14 सितंबर को दर्ज की गई थी।
पुलिस ने हाल में बरहमपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी। पुलिस का दावा है कि बातचीत से दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की संभावित साजिश का संकेत मिलता है। मामले की जांच जारी है।
एजेयूपी के राज्य सचिव भी गिरफ्तार
इस बीच एजेयूपी के राज्य सचिव अशिक इकबाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस की जांच के दौरान उन्हें पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि उनके पास से बड़ी मात्रा में जाली नोट और अवैध हथियार बरामद किए गए।