चोरबागान सर्बोजनिन पंडाल में सभ्यता, कला और परिवर्तन की झलक

मां की प्रतिमा की लंबाई रहेगी लगभग 32 फीट 25 सितंबर काे किया जाएगा उद्घाटन
चोरबागान सर्बोजनिन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में विराजमान मां दुर्गा की प्रतिमा
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता में दुर्गा पूजा का जादू शुरू हो चुका है और मां दुर्गा की प्रतिमाएं पंडालों में विराजमान हो चुकी हैं। उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध पंडालों में से एक चोरबागान सर्बोजनिन दुर्गोत्सव समिति इस बार भी अपनी खास और अनोखी थीम के जरिए लोगों को आकर्षित करने को तैयार है। इस बार पंडाल की थीम है ‘श्रोतोशिनी’, जो समाज में समय के साथ हो रहे परिवर्तन, सभ्यता और कला के बदलते स्वरूप को रेखांकित करती है।

समिति की सेक्रेटरी प्रत्युशा बनर्जी ने जानकारी दी कि इस पंडाल को लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसका उद्घाटन 25 सितंबर को किया जाएगा। पंडाल का थीम और निर्माण कार्य हालीशहर के रहने वाले प्रसिद्ध कलाकार सुब्रत मृदा की कल्पना और निर्देशन में तैयार किया गया है। कोलकाता की ही पारंपरिक लाइटिंग के माध्यम से पंडाल को सजाया गया है, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई है।

विशेष बात यह है कि मां दुर्गा की प्रतिमा लगभग 32 फीट ऊंची है और यह केवल एक लोहे के स्टीक के सहारे खड़ी की गई है, जो तकनीकी और कलात्मक दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि इसमें आधुनिकता और परंपरा का सुंदर समावेश भी देखने को मिलता है।

अगर आप इस अद्भुत पंडाल को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन एम.जी. रोड है। वहां से राम मंदिर की ओर बढ़ें, और यह भव्य पंडाल राम मंदिर के ठीक बगल में स्थित है।

इस बार चोरबागान का पंडाल न सिर्फ मां की आराधना का केंद्र होगा, बल्कि सभ्यता और संस्कृति के बदलते आयामों को भी दर्शाएगा।

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